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क्‍या हेमन्‍त सरकार आदिवासी भाषाओं की विरोधी है?

2 days 15 hours ago
क्‍या हेमन्‍त सरकार आदिवासी भाषाओं की विरोधी है? admin Sun, 01/23/2022 - 22:33

क्‍या झारखंड की हेमन्‍त सरकार आदिवासियों की भाषाओं के प्रति बिल्‍कुल लापरवाह है? यह धारणा एक स्‍थानीय अबखबार में छपी खबर से उभर रही है। दिनांक 23.01.2022 दिन रविवार को स्थानीय अखबार में छपी खबर के हवाले से कहा गया है कि झारखण्ड सरकार उत्क्रमित उच्च विद्यालय में 2079 शिक्षकों की बहाली करने जा रही है। 
इन विद्यालयों में भाषा विषय के कुल 567 पद हैं। इनमें से प्रत्येक विद्याालय में भाषा विषय के 3 शिक्षक होंगे। पूर्व में प्रत्येक उच्च विद्यालय में भाषा विषय के 4 शिक्षक होते थे जिसमें 

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धुमकुड़िया कोरना अरा पूरना उल्ला (धुमकुड़िया प्रवेश तथा पूर्णता दिवस)

1 week 2 days ago
धुमकुड़िया कोरना अरा पूरना उल्ला (धुमकुड़िया प्रवेश तथा पूर्णता दिवस)

बअ़नर माघ चन्ददो नु ख़द्दारिन धुमकुड़िया मंक्खा लगियर अरा ख़द्दर माघ चन्द्दो नु धुमकुड़िया कोरआ लगियर। एन्नेम माघ पुनई 
गेम जोंख़ रअ़उर गही माघ पूरआ लगिया दरा पुना अड्डा नु मलता पुना चान नु माघ पुनई ख़ोःख़ा ती जोंख़ रअ़ना ओरे मना लगिया।

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बेंगलुरू से छ़ुुड़ा ली गई झारखंड की बंधक बेटियां

1 week 5 days ago
बेंगलुरू से छ़ुुड़ा ली गई झारखंड की बंधक बेटियां admin Thu, 01/13/2022 - 20:40

मुसाबनी की हुनरमंद अंजली पान अब खुश है। उसकी घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। कुछ घंटों में वह अपने परिवार से मिल सकेगी। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने उसे बेंगलुरू से सुरक्षित मुक्त करा लिया है। अंजली पान जैसी ही पोटका प्रखंड की अन्य छह युवतियां अपने घर लौट रही हैं। ये हुनरमंद बेटियां बताती हैं कि उन पर काफी जुल्म ढाये गये। उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। न ढंग से रहने की सुविधा दी गयी, न खाने की व्यवस्था।

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खूंटी में डायन बता दंपति की हत्‍या

2 weeks ago
खूंटी में डायन बता दंपति की हत्‍या admin Wed, 01/12/2022 - 10:57

अड़की थाना क्षेत्र स्थित तिरला गांव में डायन-बिसाही के शक में रिश्तेदार ने साथियों के साथ मलगू हस्सा पूर्ति (50) और उसकी पत्नी बानू नाग (45) की हत्या कर दी. घटना पांच जनवरी रात की है. पुलिस ने सोमवार की शाम में दंपती के शव बरामद किया. मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया.

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एएफसी महिला फुटबॉल के लिए चुनी गई गुमला की सुमति, मुख्‍यमंत्री ने दी बधाई

2 weeks ago
एएफसी महिला फुटबॉल के लिए चुनी गई गुमला की सुमति, मुख्‍यमंत्री ने दी बधाई admin Wed, 01/12/2022 - 10:24

इसी महीने शुरू हो रहे एएफसी महिला एशिया कप के लिए गुमला (झारखंड) के सुदूर इलाके भरनो प्रखंड के लोंडरा गांव की निवासी सुमति कुमारी का चयन हो गया है।  पिछले महीने कोच्चि में कैंप में शामिल 27 खिलाड़ियों में से 23 सदस्यों को टीम में चुना गया है। एएफसी महिला एशिया कप 20 जनवरी से छह फरवरी तक महाराष्ट्र के तीन स्थानों पर होगा। फॉरवर्ड पोजिशन से खेलनेवाली सुमति पिछले महीने ढाका में आयोजित अंडर-19 सैफ चैंपियनशिप में उपविजेता भारतीय टीम में शामिल थीं। इसके अलावा सुमति पिछले साल मार्च-अप्रैल में उज्बेकिस्तान में हुए फ्रेंडली फुटबॉल मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

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नया वर्ष खुशियां लेकर आया झारखंड हॉकी के लिए

2 weeks 1 day ago
नया वर्ष खुशियां लेकर आया झारखंड हॉकी के लिए admin Mon, 01/10/2022 - 20:53

झारखंड के हॉकी खेल जगत के लिए नया साल खुशियां लेकर आया है। राज्‍य की छह खिलाडि़यों का चयन जूनियन इंडिया कैंप के लिये किया गया है। चयनित खिलाडि़यों में प्रमोदनी लकड़ा, रजनी केरेकेट्टा, महिमा टेटे, दीपिका सोरेंग, काजल बाड़ा और ब्‍यूटी डुंगडुंग शामिल हैं। सभी खिलाड़ी सिमडेगा जिले की सुदुरवर्ती गांवों की हैं। प्रमोदनी ठेठईटांगर प्रखंड के कोरोमिया गांव की, रजनी इसी प्रखंड के पाइकपारा गांव की, महिमा आंलिंपियन सलीमा टेटे की छोटी बहन हैं, और बाकी तीन खिलाड़ी दीपिका, काजल और ब्‍युटी केरसई प्रखंड की रहनेवाली है। सभी खिलाडियों के चयन पर ढ़ेर सारी बधाई। 

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संताली आदिवासियों का पर्व सोहराय व वंदना : तैयारी शुरू

2 weeks 1 day ago
संताली आदिवासियों का पर्व सोहराय व वंदना : तैयारी शुरू admin Mon, 01/10/2022 - 19:55

संताल परगना इलाके में सोहराय और वंदना की तैयारी को लेकर आदिवासी समुदाय जुट गये हैं। देवघर जिला अंतर्गत मधुपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आदिवासी गांवों में इसकी तैयारी जोरों पर है। सोहराय और वंदना को लेकर महिलाएं अपने-अपने घरों को आकर्षक रंग-रोगन के साथ साफ-सफाई में जुट गये हैं।

यह पर्व हर साल आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा जाहेरथान में पूजा-अर्चना कर किया जाता है। दूसरे दिन बरद खूटा पूजा किया जाता है। तीसरे दिन खूटे गये बैल को ढोल-नगाड़े के साथ पूजा-अर्चना के बाद खोला जाता है। इसके बाद पारंपरिक नृत्य आदिवासी परिधान और मांदर की थाप पर नृत्य किया जाता है।

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कुंड़ुख़ भाषा व तोलोंग लिपि के विकास हेतु राजी पडहा प्रार्थना सभा एवं अद्दी पड़हा अखड़ा‚ दो संगठन एकमत हुए

4 weeks 1 day ago
कुंड़ुख़ भाषा व तोलोंग लिपि के विकास हेतु राजी पडहा प्रार्थना सभा एवं अद्दी पड़हा अखड़ा‚ दो संगठन एकमत हुए admin Tue, 12/28/2021 - 10:03

दिनांक 26.12.2021 दिन रविवार को राजी पडहा सरना प्रार्थना सभा, मुडमा, रांची की केन्द्रीय कमिटि की बैठक हुई। इस बैठक में झारखण्डा सहित प0 बंगाल ओडिसा‚ छत्ती सगढ़ आदि राज्योंब के प्र‍‍तिनिधि भी उपस्थित थे। बैठक की अध्याक्षता राजी पडहा सरना प्रार्थना सभा ट्रस्टक, मुड़मा के माननीय अध्याक्ष एवं धर्मगुरू श्री बन्ध न तिग्गा  जी के दवारा सम्प न्नट हुआ। अपने समाज में धार्मिक शिक्षा तथा आत्मन बोध की शिक्षा सभी व्येक्ति को आवश्य्क है जिसके लिए विभिन्नत क्षेत्रों से आये प्रतिनिधियों को राज्यि स्तपरीय तथा पड़हा स्तमरीय कार्यों की जिम्मेादारियां सौंपी गईं। बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि – संगठन को

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कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि (लिपि) शिक्षण केन्द्र सीतारामडेरा‚ जमशेदपुर का निरीक्षण

1 month ago
कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि (लिपि) शिक्षण केन्द्र सीतारामडेरा‚ जमशेदपुर का निरीक्षण admin Wed, 12/22/2021 - 11:34

दिनांक 18.12.2021 दिन शनिवार को दिन के 2.00 बजे आदिवासी उरांव समाज समिति‚ पुराना सीतारामडेरा जमशेदपुर में टाटा स्टील फाउन्डेशन जमशेदपुर की ओर से चलाये जा रहे कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि (लिपि) शिक्षण केन्द्र का निरिक्षण किया गया। निरिक्षण कार्य कुंड़ुख़ तोलोंग सिकि के संस्था2पक डॉ.

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झारखंड के राज्‍यपाल ने जनजातीय भाषा विभाग के जीर्णोद्धारित भवन का उदघाटन किया, कहा: अब उपेक्षित नहीं रहेगा विभाग

1 month 1 week ago
झारखंड के राज्‍यपाल ने जनजातीय भाषा विभाग के जीर्णोद्धारित भवन का उदघाटन किया, कहा: अब उपेक्षित नहीं रहेगा विभाग admin Sun, 12/19/2021 - 12:13

रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के जीर्णोद्धारित भवन का उद्घाटन करते हुए शनिवार को राज्यपाल रमेश बैस ने आश्‍वासन दिया कि अब इस भाषा विभाग में पर्याप्‍त शिक्षकों की बहाली अतिशीघ्र होगी।  बतायें कि दो मंजिले भवन में ऑडिटोरियम के साथ-साथ तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। इसका जीर्णोद्धार लगभग तीन करोड़ के रूसा फंड से किया गया है। यहां सभी नौ जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं के स्वतंत्र विभाग है। इसे सोहराई पेंटिंग से सजाया गया है। जल्द ही यहां म्यूरल आर्ट भी दिखेगा

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साम्राज्यवादी धर्मों का आक्रमण और बिखरों को समेटते प्राकृतिक आदिवासी

1 month 1 week ago
साम्राज्यवादी धर्मों का आक्रमण और बिखरों को समेटते प्राकृतिक आदिवासी admin Fri, 12/17/2021 - 20:39

पहले, प्रथम आदिवासी और प्रकृति दोनों एक ही बात थी. कोई भी एक को दूसरे की बिना कल्पना नहीं कर सकते थे. आज के समय में थोड़ा बदलाव आया भी है तो आदिवासी और प्रकृति को आप अन्योन्याश्रिता के तौर पर देख सकते हैं, जो की अंधाधुंध औद्योगीकरण और शहरीकरण के प्रभाव में थोड़ा कमजोर हुआ है. आदिवासियों का प्रकृति के साथ इसी सामंजस्यता, अन्योन्याश्रिता, सहोदरता को दर्शाता है - 'सरना' का अस्तित्व. 'सरना' के आविर्भाव के बारे में काफी कुछ कहा और सुना जा चुका है कि आदिवासी कोई भी मीटिंग और महत्वपूर्ण काम करने से पहले तीर (सर) छोड़ते थे.

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प्राकृतिक आस्था और आदिवासी अध्यात्म का प्रतीक "सरना"

1 month 1 week ago
प्राकृतिक आस्था और आदिवासी अध्यात्म का प्रतीक "सरना" admin Fri, 12/17/2021 - 16:37

"सरना" शब्द आज पूरी दुनिया जानती है| इस शब्द के गहराई और शुरुवात में जाएँ तो शायद ही ये शब्द किसी आदिवासी भाषा में मिले, लेकिन आदिवासी समुदायों और गैर आदिवासी समुदायों के संवादों से उभरने वाले शब्दों को गौर करें तो आप पाएंगे की 'सरना' शब्द यहीं कहीं से उत्पन्न हुआ है| 'सरना', सिर्फ एक शब्द और स्थल से इतर, प्रकृति, और प्रकृति से इतर पूरे सौर मण्डल को इंगित करता है जो फिलहाल एक पूजा स्थल के रूप में चिन्हित है, और वो बस एक प्रतीकात्मक है| आप चाहें तो पूरे सौरमण्डल के बृहत्दर्शन को ‘सरना’ के उस छोटे से भूभाग में समेट लें| शायद यही स्वच्छंदता और असीमितता ही है जिसकी वजह से आदिवासी और उनके पूर्वज

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त्रिपुरा में प्रथम आदिवासी महासभा का सम्मेलन संपन्न

1 month 3 weeks ago
त्रिपुरा में प्रथम आदिवासी महासभा का सम्मेलन संपन्न admin Tue, 11/30/2021 - 18:08

दिनांक 28.11.2021 दिन रविवार को त्रिपुरा (भारत) में निवास करने वाले उरांव, मुण्डा, संताल आदि बहुत से आदिवासी छात्रों द्वारा प्रथम आदिवासी महासभा का सम्मेलन किया गया। इस सम्मेालन में भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री आदिवासी कार्य मंत्रालय अर्जून मुण्डा, पूर्व कुलपति (डी.एस.पी. मुखर्जी विश्वीविदयालय, रांची) डॉ. सत्य  नारायण मुण्डा, त्रि‍पुरा के आदिवासी कल्याथण मंत्री तथा माननीय विधायक गण एवं अनेक प्रबुद्ध समाजसेवी उपस्थित थे। 

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'विहिप का बयान अमर्यादित एवं मानसिक शोषण का प्रतीक'

1 month 3 weeks ago
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हिंदू धर्म के 16 संस्‍कारों की परंपरा का पालन आदिवासी भी करते हैं फिर सरना धर्म कोड क्‍यों?

1 month 4 weeks ago
हिंदू धर्म के 16 संस्‍कारों की परंपरा का पालन आदिवासी भी करते हैं फिर सरना धर्म कोड क्‍यों?

रांची: आदिवासी नेता डॉ करमा उरावं के बयान पर हमलावर विश्‍व हिंदू परिषद (विहिप) व सहयोगी संस्‍थाओं ने सरना धर्म कोड की मांग के खिलाफ मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि आदिवासी या जनजातीय समाज को अलग धर्म कोड की कोई आवश्‍यक्‍ता ही नहीं। वे तो हिंदू हैं। 'सरना' केवल पूजा स्‍थल को कहा जाता है, धर्म कैसे हो सकता है?

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झारखण्ड में नई शिक्षा नीति और कुंड़ुख़ भाषा-लिपि की सार्थकता विषयक गोष्ठी

2 months ago
झारखण्ड में नई शिक्षा नीति और कुंड़ुख़ भाषा-लिपि की सार्थकता विषयक गोष्ठी

दिनांक 21.11.2021 दिन रविवार को अद्दी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा), रांची (झारखण्ड) के अध्यक्ष जिता उरांव एवं सचिव  राजेन्द्र भगत की मुलाकात राजी पड़हा प्रार्थना सभा ट्रस्ट, मुड़मा, रांची के अध्यक्ष  बंधन तिग्गा से हुई। इस अवसर पर राउरकेला (ओड़िशा) से  मनीलाल केरकेट्टा एवं जामताड़ा (झारखण्ड) से  संजय पहान एवं उनके साथी भी उपस्थित थे।

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कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि (लिपि) पर उठते सवाल : एक परिचर्चा

2 months ago
कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि (लिपि) पर उठते सवाल : एक परिचर्चा

जैसा कि हम सभी को जानते हैं कि – कुँड़ुख़ भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि है। झारखण्ड सरकार द्वारा इस लिपि को वर्ष 2003 में कुंड़ुख़ भाषा की लिपि स्वीकार करते हुए केन्द्र सरकार को अनुसंशित किया गया है। साथ ही प.

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टाटा द्वारा संचालित कुंड़ुख भाषा की कक्षाएं | Classes of Kunrukh language by Tata Steel

2 months 1 week ago
टाटा द्वारा संचालित कुंड़ुख भाषा की कक्षाएं | Classes of Kunrukh language by Tata Steel

टाटा स्टील फाउण्डेलशन‚ जमशेदपुर के सहयोग से कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण कार्य : भाषा बचाने की दिशा में स्वागत योग्य कदम || टाटा स्टील फाउण्डेशन‚ जमशेदपुर के सहयोग से आदिवासी उरांव समाज समिति‚ बिरसा नगर‚ जमशेदपुर में कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण कार्य किया जा रहा है। इस कार्य का शुभारंभ दिनांक 26.08.2021 को हुआ। यह भाषा शिक्षण कार्य शनिवार को 5 से 7 बजे संध्या तथा रविवार को 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं बुधवार को 5 से 7 बजे संध्या संचालित किया जाता है। भाषा शिक्षण के इस कार्य में केजी से पीजी तक के छात्र शामिल होते हैं। लौह नगरी जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में उरांव लोगों की कुडुख भाषा बची हुई है तथा इसे बचाते ह

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डॉ नारायण उरावं को सम्‍मानित किया झारखंड सरकार ने

2 months 1 week ago
डॉ नारायण उरावं को सम्‍मानित किया झारखंड सरकार ने

झारखंडी साहित्‍य एवं संस्‍कृति की उपादेयता तथा राष्‍ट्र के विकास में योगदान विषयक दो दिवसीय संगोष्‍ठी सह सांस्‍कृतिक कार्यक्रम के प्रथम दिवस दिनांक 14 नवंबर 2021 को डॉ नारायण उरावं का संबोधन। इस अवसर पर विभाग द्वारा डॉ उरावं को कुरूख भाषा की लिपि तोलोंग सिकि विकसित करने के लिये खास तौर पर सम्‍मानित भी किया गया। 

झारखंड राज्‍य संग्रहालय (पर्यटन कला संस्‍कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग झारखंड सरकार द्वारा 14 नवंबर 2021 को आयोजित कार्यक्रम की झलकी.. 

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कुँड़ुख़ भाषा अरा तोलोंग सिकि (लिपि)

2 months 1 week ago
कुँड़ुख़ भाषा अरा तोलोंग सिकि (लिपि)

1 कुँड़ुख भाषा - कुँड़ुख भाषा एक उतरी द्रविड़ भाषा परिवार की भाषा है। लिंगविस्टक सर्वे ऑफ इंडिया 2011 के रिपोर्ट के अनुसार भारत देश में कुँड़ुख़ भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या 19‚88‚350 है। पर कुँड़ुख भाषी उराँव लोग अपनी जनसंख्या के बारे में बतलाते हैं कि पुरे विश्व में कुँड़ुख भाषी उराँव लोग 50 लाख के लगभग हैं। झारखण्ड में इस भाषा की पढ़ाई विश्वविद्यालयों में हो रही है। भारत में उरांव लोग झारखण्ड‚ बिहार‚ छत्तीसगढ़‚ ओड़िसा‚ प0 बंगाल‚ असम‚ त्रिपुरा‚ अरूणांचल प्रदेश‚ उत्तर प्रदेश‚ मध्य प्रदेश‚ हिमाचल प्रदेश‚ महाराष्ट्र तथा विदेशों में से नेपाल‚ बंगलादेश आदि क्षेत्र में है। 

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1 hour 42 minutes ago
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