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KT MAG 06

Kurukh Times बहुभाषीय पत्रिका का छठा अंक प्रकाशित हो चुका है। अपनी खास साज-सज्‍जा और समृद्ध लेखों से परिपूर्ण यह पत्र…

Kurukh Times Magazine Vol 05

कुंड़ुख टाइम्‍स (वेब संस्‍करण) का अक्‍टूबर से दिसंबर 2022 / अंक 5 का यह संस्‍करण काफी पठनीय है। आप इसे यहां ऑनलाइन पढ…

Dhumkuria Book

धुमकुड़िया, उराँव आदिवासी समाज की एक पारम्परिक सामाजिक, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास केन्द्र है। प्राचीन काल से ही यह, गा…

Kurukh Times print edition 04
कुंड़ुख टाइम्‍स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हो गया है। यह अंक 'बिसुसेन्‍दरा विशेषांक' है। यह अंक Tata
शब्‍दावली बैठक 1

दिनांक 01 मई 2022, दिन रविवार को आदिवासी उराँव समाज समिति, बिरसा नगर, जोन न०-6, जमशेदपुर में ‘‘कुँड़ुख़ व्याकरण की पार…

KurukhTimes.com Print Edition Vol. 1

आपको तो पता है कि हमारा-आपका एक और वेबसाइट KurukhTimes.com लम्‍बे समय से आपको कुंड़ुख जगत की खबरें, सूचनाएं और शोध आद…

पहेलियां..

कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग बखुबी होता है। बच्चों के लिए यह बौदि्धक एवं भाषा विकास का एक अनोखा तरीका है जिसे स…

कुड़ुख मुहावरे

कुंड़ुख़ भाषा में मुहावरा एवं कहावत का प्रयोग बखुबी होता है। कई असहज बातों को इससे आसानी से समझा जाता है। आइये इसे जाने…

@KurukhTimes.com

ग्रामीण मौसम भविष्‍य-वक्‍ता का पूर्वानुमान 2024

2 weeks ago
ग्रामीण मौसम भविष्‍य-वक्‍ता का पूर्वानुमान 2024 admin Mon, 06/03/2024 - 08:16

विगत 10 साल से ग्रामीण इलाकों में प्रक़ति की वस्‍तुओं को देखकर मौसम पूर्वानुमान करने वाले 65 वर्षीय श्री गजेन्‍द्र उरांव ने साल 2024 का  मौसम पूर्वानुमान बतलाया है। उन्‍होंने कहा कि इस साल 2024 में बरखा तीनों पाली में होगा । इससे फसल अच्‍छी होगी।  ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता द्वारा बरखा को तीन भाग में विभक्‍त किया गया है - 1. बुढ़िया करम अर्थात जेठ शुक्‍ल पक्ष का पहला मंगर से हरियनी पूजा तक अर्थात आषाढ़ शुक्‍ल पक्ष तृतीया तक  2. हरयनी पूजा से राजी करम अर्थात भादो एकादशी तक  3.

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कुंड़ख़ कत्था अईन अरा ख़ोसराचम्मबी एक आधुनिक उरांव/कुंड़ुख़ भाषा व्याकरण

2 weeks 1 day ago
कुंड़ख़ कत्था अईन अरा ख़ोसराचम्मबी एक आधुनिक उरांव/कुंड़ुख़ भाषा व्याकरण admin Sat, 06/01/2024 - 10:51

प्रस्तुत पुस्तक कुंड़ख़ कत्था अईन अरा ख़ोसराचम्मबी एक आधुनिक उरांव/कुंड़ुख़ भाषा व्याकरण है। इसका शोध संकलन पेशे से चिकित्सक डॉ नारायण उरांव सैन्दा द्वारा किया गया है। यह  टाटा स्टील फाउंडेशन, के तकनीकी सहयोग से इस ऊंचाई तक पंहुचा है। समाज में लोगों तक पहुंचाने का कार्य अद्दी अखड़ा संस्था रांची द्वारा किया जा रहा है।इसमें भाषा है, भाषा की रचना है, भाषा विज्ञान है और अन्य प्राचीन भाषा के साथ तुलनात्मक अध्ययन है। इस व्याकरण में कुंड़ुख़ भाषा को समझने तथा समझाने के लिए हिन्दी के साथ अंग्रेजी का भी प्रयोग किया गया है।इस पुस्तक के विशिष्ट पहलुओं को जानने के लिए रूप का प्रयोग किया जाता है। इसकी व

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धुमकुड़िया : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला

2 weeks 1 day ago
धुमकुड़िया : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला admin Sat, 06/01/2024 - 09:28

विस्‍तार से पढ़ें नीचे पीडीएफ में.. 

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परम्‍परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्‍दरा, गुमला मण्‍डल 2024

3 weeks 4 days ago
परम्‍परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्‍दरा, गुमला मण्‍डल 2024 admin Wed, 05/22/2024 - 15:17

भारतीय संसद द्वारा पारित पेसा कानून 1996 (PESA ACT 1996 ) के Section 4(d) के तहत दिनांक 18 एवं 19 मई 2024 दिन शनिवार एवं रविवार को 9 पड़हा गांव, 7 पड़हा गांव एवं 6 पड़हा गांव, कुल 22 गांवों की सभा (22 गाव का पड़हा बैठक) द्वारा अपनी रूढ़ी-परम्परा के अनुसार ‘‘परम्परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्दरा, सिसई-भरनो’’ का आयोजन किया गया। परम्परागत कुँड़ुख़ समाज द्वारा आयोजित यह परम्परागत ग्रामसभा पड़हा बिसु सेन्दरा का 2 दिवसीय वार्षिक अधिवेशन, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई, जिला : गुमला में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का संयोजन  परम्परागत गांव सभा के पंच्चों में से पड़हा बिसुसेन्दरा बेल - श्री दशरथ भगत, कुहाबेल - श्री जुब

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सियांग और सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न

1 month ago
सियांग और सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न admin Tue, 05/14/2024 - 18:28

दिनांक 12 मई 2024,  दिन रविवार को,  झारखंड के गुमला जिला के अन्तर्गत,  सिसई थाना क्षेत्र के सियांग एवं सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। ग्राम सियांग की सयनी फगनी उरांव, पिता श्री जयमंगल उरांव, बीए Kurukh आनर्स तक की पढ़ाई पूरी की और उनके माता पिता इस वर्ष शादी करने वाले हैं, का धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम, धुमकुड़िया के संगी साथी लोगों द्वारा पारम्परिक तरीके से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी तरह ग्राम सैन्दा के सय बोलवा उरांव, पिता श्री मुंशी उरांव, आईए करके पिता के साथ खेतीबारी के कार्य में जुड़े हैं तथा सय अच्युत उरांव, पिता डॉक्‍टर नारायण उरांव, ब

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दव ख़ंजपा जिनगी घी : कुंड़ुख कविता

1 month 1 week ago
दव ख़ंजपा जिनगी घी : कुंड़ुख कविता

यह कुंड़ुख़ कविता, झारखंड पुलिस सेवा में कार्यरत एक उरांव व्यक्ति की है। उन्होंने अपने समाज के लोगों के दिल को छू लेने वाली कविता लिखी है। यह देवनागरी एवं तोलोंग सिकि, दो लिपि में पठनीय है। आइये आगे देखें और पढ़ें -

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हाईकोर्ट झारखंड एवं छत्तीसगढ़ का आदेश और परम्परागत उरांव समाज का सामाजिक न्याय पंच व्यवस्था

1 month 2 weeks ago
हाईकोर्ट झारखंड एवं छत्तीसगढ़ का आदेश और परम्परागत उरांव समाज का सामाजिक न्याय पंच व्यवस्था admin Thu, 05/02/2024 - 10:40

माननीय हाईकोर्ट के टिप्पणी के बाद परम्परागत उरांव समाज के जागरूक लोग अपने पुस्तैनी विरासत को संयोजने के लिए विगत 12 वर्ष तक काम को सम्पादित कर वर्तमान समय के न्यायालय व्यवस्था के मोताबिक परम्परागत उरांव सामाजिक न्याय पंच का अभिलेख तैयार किया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए इस शीर्षक का पी.डी.एफ. पढ़ें... 

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कार्तिक उरांव आदिवासी कुँड़ुख स्कूल मंगलो, सिसई में  खद्दी परब (सरहुल परब) धुमधाम से मनाया गया

1 month 2 weeks ago
कार्तिक उरांव आदिवासी कुँड़ुख स्कूल मंगलो, सिसई में  खद्दी परब (सरहुल परब) धुमधाम से मनाया गया admin Thu, 05/02/2024 - 08:06

गुमला जिले के कुड़ुख़ भाषी क्षेत्र के मंगलो ग्राम में स्थित कार्तिक उरांव आदिवासी कुँड़ुख स्कूल मंगलो,सिसई के श‍िक्षकों तथा छात्रों द्वारा अपनी भाषा-संस्कृति को बचाने के लिए विशेष पहल करते हुए अनोखे अंदाज में खद्दी पर्व मनाया गया। इस वर्ष का नया अंदाज यह था कि - विलुप्त होते प्राचीन गीतों का षोध-अनुसंधान कर पुनः कुँड़ुख भाषा में पारंपरिक रूप में मांदर-नगाड़ा के साथ लोगों ने सामूहिक प्रस्‍तुतिकरण किया।  इसके लिए छात्रों द्वारा शिक्षकों की देखरेख 01 महीने से शनिवार को अपराहृन में अभ्‍यास किया करते थे। इस वर्ष बच्‍चों के प्रस्‍तुति को देखकर बुजूर्ग उत्‍साहित एवं खुश हुए।

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