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पहेलियां..

कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग बखुबी होता है। बच्चों के लिए यह बौदि्धक एवं भाषा विकास का एक अनोखा तरीका है जिसे स…

कुड़ुख मुहावरे

कुंड़ुख़ भाषा में मुहावरा एवं कहावत का प्रयोग बखुबी होता है। कई असहज बातों को इससे आसानी से समझा जाता है। आइये इसे जाने…

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झारखण्ड अलग प्रांत आन्दोलन के दौरान छात्र नेताओं एवं शिक्षाविदों के बीच झारखण्ड की भाषा–संस्कृति को बचाये रखने के विष…

Kurukh 8th Language in W Bengal

It was the initiative of the Honorable CM of West Bengal, Mamata Banerjee that Kurukh language was declared on 21st F…

Jharkhand Govt Notices

ज्ञात हो कि तोलोङ सिकि अथवा तोलोंग लिपि को कुँड़ुख (उराँव) समाज ने कुँड़ुख़ भाषा की लिपि के रूप में स्वीकार किया है। इस…

लिपि चिन्‍ह

‘‘ब्रह्माण्ड में पृथ्वी कृत्रिम घड़ी की विपरीत दिशा Anticlockwise में सूर्य की परिक्रमा करती है। जिसके चलते सभी प्राकृ…

आस्‍था

दिनांक 06.01.2011 को एक हिन्दी दैनिक में खबर छपी - ‘‘आदिवासी ही देश के असली नागरिक हैं।’’ खबर पढ़कर मन को सांतावना मिल

वर्णमाला

कहा जाता है - ‘‘ आवश्‍यकता आविष्कार की जननी है।’’ इस कहावत को एक बार फिर डा नारायण उराँव ‘‘सैन्दा’’ ने चरितार्थ किया…

@KurukhTimes.com

त्रिपुरा में प्रथम आदिवासी महासभा का सम्मेलन संपन्न

3 days 9 hours ago
त्रिपुरा में प्रथम आदिवासी महासभा का सम्मेलन संपन्न admin Tue, 11/30/2021 - 18:08

दिनांक 28.11.2021 दिन रविवार को त्रिपुरा (भारत) में निवास करने वाले उरांव, मुण्डा, संताल आदि बहुत से आदिवासी छात्रों द्वारा प्रथम आदिवासी महासभा का सम्मेलन किया गया। इस सम्मेालन में भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री आदिवासी कार्य मंत्रालय अर्जून मुण्डा, पूर्व कुलपति (डी.एस.पी. मुखर्जी विश्वीविदयालय, रांची) डॉ. सत्य  नारायण मुण्डा, त्रि‍पुरा के आदिवासी कल्याथण मंत्री तथा माननीय विधायक गण एवं अनेक प्रबुद्ध समाजसेवी उपस्थित थे। 

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'विहिप का बयान अमर्यादित एवं मानसिक शोषण का प्रतीक'

4 days 5 hours ago
'विहिप का बयान अमर्यादित एवं मानसिक शोषण का प्रतीक' admin Mon, 11/29/2021 - 21:31

दिनांक 19.11.2021 को विश्व हिन्दु परिषद के प्रांत मंत्री डॉ.

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हिंदू धर्म के 16 संस्‍कारों की परंपरा का पालन आदिवासी भी करते हैं फिर सरना धर्म कोड क्‍यों?

1 week ago
हिंदू धर्म के 16 संस्‍कारों की परंपरा का पालन आदिवासी भी करते हैं फिर सरना धर्म कोड क्‍यों?

रांची: आदिवासी नेता डॉ करमा उरावं के बयान पर हमलावर विश्‍व हिंदू परिषद (विहिप) व सहयोगी संस्‍थाओं ने सरना धर्म कोड की मांग के खिलाफ मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि आदिवासी या जनजातीय समाज को अलग धर्म कोड की कोई आवश्‍यक्‍ता ही नहीं। वे तो हिंदू हैं। 'सरना' केवल पूजा स्‍थल को कहा जाता है, धर्म कैसे हो सकता है?

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झारखण्ड में नई शिक्षा नीति और कुंड़ुख़ भाषा-लिपि की सार्थकता विषयक गोष्ठी

1 week 3 days ago
झारखण्ड में नई शिक्षा नीति और कुंड़ुख़ भाषा-लिपि की सार्थकता विषयक गोष्ठी

दिनांक 21.11.2021 दिन रविवार को अद्दी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा), रांची (झारखण्ड) के अध्यक्ष जिता उरांव एवं सचिव  राजेन्द्र भगत की मुलाकात राजी पड़हा प्रार्थना सभा ट्रस्ट, मुड़मा, रांची के अध्यक्ष  बंधन तिग्गा से हुई। इस अवसर पर राउरकेला (ओड़िशा) से  मनीलाल केरकेट्टा एवं जामताड़ा (झारखण्ड) से  संजय पहान एवं उनके साथी भी उपस्थित थे।

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कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि (लिपि) पर उठते सवाल : एक परिचर्चा

2 weeks ago
कुँड़ुख़ तोलोंग सिकि (लिपि) पर उठते सवाल : एक परिचर्चा

जैसा कि हम सभी को जानते हैं कि – कुँड़ुख़ भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि है। झारखण्ड सरकार द्वारा इस लिपि को वर्ष 2003 में कुंड़ुख़ भाषा की लिपि स्वीकार करते हुए केन्द्र सरकार को अनुसंशित किया गया है। साथ ही प.

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टाटा द्वारा संचालित कुंड़ुख भाषा की कक्षाएं | Classes of Kunrukh language by Tata Steel

2 weeks 1 day ago
टाटा द्वारा संचालित कुंड़ुख भाषा की कक्षाएं | Classes of Kunrukh language by Tata Steel

टाटा स्टील फाउण्डेलशन‚ जमशेदपुर के सहयोग से कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण कार्य : भाषा बचाने की दिशा में स्वागत योग्य कदम || टाटा स्टील फाउण्डेशन‚ जमशेदपुर के सहयोग से आदिवासी उरांव समाज समिति‚ बिरसा नगर‚ जमशेदपुर में कुंड़ुख़ भाषा शिक्षण कार्य किया जा रहा है। इस कार्य का शुभारंभ दिनांक 26.08.2021 को हुआ। यह भाषा शिक्षण कार्य शनिवार को 5 से 7 बजे संध्या तथा रविवार को 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं बुधवार को 5 से 7 बजे संध्या संचालित किया जाता है। भाषा शिक्षण के इस कार्य में केजी से पीजी तक के छात्र शामिल होते हैं। लौह नगरी जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में उरांव लोगों की कुडुख भाषा बची हुई है तथा इसे बचाते ह

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डॉ नारायण उरावं को सम्‍मानित किया झारखंड सरकार ने

2 weeks 4 days ago
डॉ नारायण उरावं को सम्‍मानित किया झारखंड सरकार ने

झारखंडी साहित्‍य एवं संस्‍कृति की उपादेयता तथा राष्‍ट्र के विकास में योगदान विषयक दो दिवसीय संगोष्‍ठी सह सांस्‍कृतिक कार्यक्रम के प्रथम दिवस दिनांक 14 नवंबर 2021 को डॉ नारायण उरावं का संबोधन। इस अवसर पर विभाग द्वारा डॉ उरावं को कुरूख भाषा की लिपि तोलोंग सिकि विकसित करने के लिये खास तौर पर सम्‍मानित भी किया गया। 

झारखंड राज्‍य संग्रहालय (पर्यटन कला संस्‍कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग झारखंड सरकार द्वारा 14 नवंबर 2021 को आयोजित कार्यक्रम की झलकी.. 

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कुँड़ुख़ भाषा अरा तोलोंग सिकि (लिपि)

2 weeks 6 days ago
कुँड़ुख़ भाषा अरा तोलोंग सिकि (लिपि)

1 कुँड़ुख भाषा - कुँड़ुख भाषा एक उतरी द्रविड़ भाषा परिवार की भाषा है। लिंगविस्टक सर्वे ऑफ इंडिया 2011 के रिपोर्ट के अनुसार भारत देश में कुँड़ुख़ भाषा बोलने वाले लोगों की संख्या 19‚88‚350 है। पर कुँड़ुख भाषी उराँव लोग अपनी जनसंख्या के बारे में बतलाते हैं कि पुरे विश्व में कुँड़ुख भाषी उराँव लोग 50 लाख के लगभग हैं। झारखण्ड में इस भाषा की पढ़ाई विश्वविद्यालयों में हो रही है। भारत में उरांव लोग झारखण्ड‚ बिहार‚ छत्तीसगढ़‚ ओड़िसा‚ प0 बंगाल‚ असम‚ त्रिपुरा‚ अरूणांचल प्रदेश‚ उत्तर प्रदेश‚ मध्य प्रदेश‚ हिमाचल प्रदेश‚ महाराष्ट्र तथा विदेशों में से नेपाल‚ बंगलादेश आदि क्षेत्र में है। 

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