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शब्‍दावली बैठक 1

दिनांक 01 मई 2022, दिन रविवार को आदिवासी उराँव समाज समिति, बिरसा नगर, जोन न०-6, जमशेदपुर में ‘‘कुँड़ुख़ व्याकरण की पार…

KurukhTimes.com Print Edition Vol. 1

आपको तो पता है कि हमारा-आपका एक और वेबसाइट KurukhTimes.com लम्‍बे समय से आपको कुंड़ुख जगत की खबरें, सूचनाएं और शोध आद…

पहेलियां..

कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग बखुबी होता है। बच्चों के लिए यह बौदि्धक एवं भाषा विकास का एक अनोखा तरीका है जिसे स…

कुड़ुख मुहावरे

कुंड़ुख़ भाषा में मुहावरा एवं कहावत का प्रयोग बखुबी होता है। कई असहज बातों को इससे आसानी से समझा जाता है। आइये इसे जाने…

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झारखण्ड अलग प्रांत आन्दोलन के दौरान छात्र नेताओं एवं शिक्षाविदों के बीच झारखण्ड की भाषा–संस्कृति को बचाये रखने के विष…

Kurukh 8th Language in W Bengal

It was the initiative of the Honorable CM of West Bengal, Mamata Banerjee that Kurukh language was declared on 21st F…

Jharkhand Govt Notices

ज्ञात हो कि तोलोङ सिकि अथवा तोलोंग लिपि को कुँड़ुख (उराँव) समाज ने कुँड़ुख़ भाषा की लिपि के रूप में स्वीकार किया है। इस…

लिपि चिन्‍ह

‘‘ब्रह्माण्ड में पृथ्वी कृत्रिम घड़ी की विपरीत दिशा Anticlockwise में सूर्य की परिक्रमा करती है। जिसके चलते सभी प्राकृ…

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मंजु उरांव के खिलाफ समाज का तुगलकी फरमान स्‍वीकार्य नहीं, विरोध होगा : सेंगेल

3 days 13 hours ago
मंजु उरांव के खिलाफ समाज का तुगलकी फरमान स्‍वीकार्य नहीं, विरोध होगा : सेंगेल admin Thu, 08/04/2022 - 21:14

आदिवासी महिला मंजू उरांव (गुमला जिला) को  ट्रैक्टर से खेती करने के एवज में गांव वालों ने अंधविश्वास के आधार पर उनको ट्रैक्टर चलाने से मना किया, जुर्माना लगाया और बात नहीं मानने पर सामाजिक बहिष्कार करने का एकतरफा तुगलकी फरमान जारी किया है। जो संविधान कानून के खिलाफ है। स्त्री पुरुष की बराबरी के दर्जे के खिलाफ है और बिल्कुल एक अंधविश्वास वाला फरमान है। गलत है। आदिवासी सेंगेल अभियान, जिला पुलिस- प्रशासन और प्रदेश की सरकार से अविलंब मंजू उरांव को सुरक्षा और न्याय प्रदान करने की मांग करता है। बल्कि  उनको उनकी खेती और कृषि के विकास के लिए प्रोत्साहन और पूर्ण सहयोग भी सरकार को प्रदान करना चाहिए और

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सरना समाज और उसका अस्तित्व : एक पुस्‍तक चर्चा

4 days 1 hour ago
सरना समाज और उसका अस्तित्व : एक पुस्‍तक चर्चा

‘‘सरना समाज और उसका अस्तित्व’’ नामक इस छोटी पुस्तिका में आदिवासी उराँव समाज की जीवन यात्रा का वृतांत है, जो भारत देश की आजादी के दो दशक बाद, उराँव लोग विषम परिस्थिति में अपने पुर्वजों की धरोहरों को सहेजते हुए देश की मुख्यधारा के साथ चलने का प्रयास कर रहे थे। देश की आजादी के बाद भी आदिवासी उराँव समाज का धार्मिक विश्‍वास एवं सामाजिक जागृति तथा आधुनिक शिक्षा जैसे विषयों पर निचले पायदान से उठने की कोशिश करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस छोटी सी पुस्तिका में 1965 से 1989 के बीच के सामाजिक परिस्थिति पर आधारित तथ्य-लेख का चित्रण है। संभव है, कई पाठक इसमें उद्धृत तर्कों से सहमत न हों, पर इसे विगत समय की स

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आदिवासी राष्ट्रपति और आदिवासी गांव-समाज -सालखन मुर्मू

1 week 1 day ago
आदिवासी राष्ट्रपति और आदिवासी गांव-समाज -सालखन मुर्मू admin Sat, 07/30/2022 - 18:54

देश ने एक आदिवासी संताल महिला द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर एक नया इतिहास बनाया है। दुनिया के सर्वाधिक बड़ी गणतंत्र भारत ने मिसाल कायम किया है। जो 200 वर्षों में भी अमेरिका नहीं कर पाया है। देश के लिए गर्व और सम्मान की  बेला है। परंतु आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक समृद्धि का जड़ उनका गांव- समाज है। जहां परंपरा के नाम पर कतिपय कुव्यवस्था, कुप्रथा, कुरीतियां अभी भी विद्यमान हैं। जहां आदिवासी स्वशासन व्यवस्था या ट्राइबल सेल्फ रुल सिस्टम (TSRS) में जनतंत्र और संविधान लागू नहीं है। गांव-समाज का राष्ट्रपति या ग्राम प्रधान (माझी बाबा) सबकी सहमति से नहीं वंशानुगत नियुक्त होता है और ज

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टाटा स्टील फाउण्डेशन के तकनीकी सहयोग से भाषा-लिपि शिक्षण आरंभ होगा

1 week 2 days ago
टाटा स्टील फाउण्डेशन के तकनीकी सहयोग से भाषा-लिपि शिक्षण आरंभ होगा admin Fri, 07/29/2022 - 19:30

दिनांक 22.07.2022 दिन बुधवार को ऐतिहासिक पड़हा जतरा खुटा शक्तिस्थल, मुड़मा (राँची) झारखण्ड के परिसर में समाजसेवी माननीय श्री बंधन तिग्गा जी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इस बैठक में टाटा स्टील फाउण्डेशन जमशेदपुर के अधिकारी एवं अद्दी कुँड़ुख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा) झारखण्ड, राँची नामक संस्था के पदधारी उपस्थित थे।

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आदिवासी मौसम पुर्वानुमान पर जैव प्रौद्योगिकी विज्ञान आधारित शोध की आवश्‍यकता पर विचार हो

2 weeks 1 day ago
आदिवासी मौसम पुर्वानुमान पर जैव प्रौद्योगिकी विज्ञान आधारित शोध की आवश्‍यकता पर विचार हो admin Sat, 07/23/2022 - 17:39

वातावरण हर समय बदल रहा हैं। वैश्विक मौसम पैटर्न को देखकर मौसम विज्ञानी ध्रुवीय परिक्रमा करने वाले उपग्रह की मदद से भविष्य की सात दिनों का 80 प्रतिशत तक सटीक मौसम पूर्वानुमान करते हैं। पर दस दिन या उससे अधिक समय का पूर्वानुमान केवल आधे समय के लिए ही सही होता है।

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देश को मिला पहला महिला आदिवासी राष्‍ट्रपति / द्रौपदी की जीत पर..

2 weeks 2 days ago
देश को मिला पहला महिला आदिवासी राष्‍ट्रपति / द्रौपदी की जीत पर.. admin Fri, 07/22/2022 - 11:41

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज कर भारतीय राजनीति के इतिहास में पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के तौर पर अपना नाम दर्ज करवा लिया है। मुर्मू की जीत पर देश के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में उत्‍साह और आशाओं की लहर व्‍याप गई है। मुर्मू की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचे, वहीं उनके साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी नए राष्ट्रपति को बधाई देने पहुंचे।

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गांव-समाज में सुधार, एकता और एजेंडा से आदिवासी बच सकते हैं - सालखन मुर्मू

3 weeks ago
गांव-समाज में सुधार, एकता और एजेंडा से आदिवासी बच सकते हैं - सालखन मुर्मू

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 1994 से  आदिवासी अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी आदि को समझने, सहयोग करने और संवर्धन करने हेतु दुनिया भर में विभिन्न देश और आदिवासी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस  मनाते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 13 सितंबर 2007 को विश्व आदिवासी अधिकार घोषणा- पत्र भी जारी किया है। संयुक्त राष्ट्र ने 2022 से 2032 के दशक को आदिवासी भाषाओं के संरक्षण का दशक घोषित किया है।आज दुनिया भर में लगभग 7000 भाषाएं हैं जिसके लगभग 40% भाषाएं विलुप्ति की कगार पर खड़े हैं, और उसमें सर्वाधिक आदिवासी भाषाएं डेंजर जोन में हैं।

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आदिवासियों में मौसम पूर्वानुमान की विधि : Method of weather forecasting in tribal

3 weeks 5 days ago
आदिवासियों में मौसम पूर्वानुमान की विधि : Method of weather forecasting in tribal

आदिवासियों में मौसम पूर्वानुमान की विधि : Method of weather forecasting in tribal

गुमला (सिसई) के एक कोटवार गजेेन्‍द्र उरांव बता रहे हैं आदिवासी समाज में अनूठी परंपरा है मौसम पूर्वानुमान की.. 

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