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धुमकुड़िया महबा उल्ला (धुमकुड़िया गौरव दिवस) सम्पन्न

2 days 23 hours ago
धुमकुड़िया महबा उल्ला (धुमकुड़िया गौरव दिवस) सम्पन्न admin Mon, 02/06/2023 - 08:22

दिनांक 05/02/2023 दिन  रविवार को थाना सिसई, जिला गुमला के ग्राम सैंदा में धुमकुड़िया महबा उल्ला (दिवस) का आयोजन किया गया। इस आयोजन में गाँव के देबीगुड़ी (देवी मां) में छोटे छोटे  बालक बलिकाओं को विधिवत पूजा अर्चना करा कर धुमकुड़िया में प्रवेश दिलाया गया। वहीं शादी का रिश्ता तय हुआ लड़का श्री ऋषभ उरांव को धुमकुड़िया से बिदाई किया गया, जो वर्तमान में इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं । इस अवसर पर कानून विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर, ला युनिवर्सिटी, रांची के श्री रामचंद्र उरांव ने कहा कि - धुमकुड़िया, हमारे कुँड़ुख समाज का पहला स्कूल का केंद्र है। उन्होंने कहा कि आदि काल से ही कुँड़ुख समाज के लोग ध

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कुंड़ुख टाइम्‍स (वेब संस्‍करण) का अक्‍टूबर से दिसंबर 2022 / अंक 5 प्रकाशित

1 week ago
कुंड़ुख टाइम्‍स (वेब संस्‍करण) का अक्‍टूबर से दिसंबर 2022 / अंक 5 प्रकाशित

कुंड़ुख टाइम्‍स (वेब संस्‍करण) का अक्‍टूबर से दिसंबर 2022 / अंक 5 का यह संस्‍करण काफी पठनीय है। आप इसे यहां ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। आप चाहें तो इसका पीडीएफ फाइल भी अपने लैपटॉप या पीसी अथवा मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते।

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कुंड़ुख़ इंग्लिश मीडियम स्‍कूल में गणतंत्र दिवस संपन्‍न

1 week 2 days ago
कुंड़ुख़ इंग्लिश मीडियम स्‍कूल में गणतंत्र दिवस संपन्‍न

यह विडियो दिनांक 26 जनवरी 2023 को शूट किया गया है। यह विडियो कुंड़ुख़ कत्थ खोंड़हा लूरएड़पा, भगीटोली, डुमरी, गुमला (कुंड़ुख़ इंग्लिश मीडियम) स्कूल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर पारम्परिक वेशभूषा में प्रस्तुत किया गया परेड है। इस स्कूल में 1ली से 3री कक्षा तक सिर्फ कुंड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि में पढ़ाई होती है। आगे 4थी कक्षा से हिन्दी एवं अंग्रेजी पढ़ाया जाता है और आगे चलकर यह इंग्लिश मीडियम स्कूल में बदल जाता है। इस स्कूल से वर्ष 2009 से कुंडुख़ भाषा विषय की परीक्षा तोलोंग सिकि में मैट्रिक परीक्षा लिखी जा रही है। विगत वर्ष 2022 में यहां के सभी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। इस स्कूल के संस्थापक

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टाटा स्‍टील की ओर से भंडरा में तोलोंग सिकि प्रशिक्षण संपन्‍न

1 week 3 days ago
टाटा स्‍टील की ओर से भंडरा में तोलोंग सिकि प्रशिक्षण संपन्‍न

दिनांक 28 फरवरी 2023 दिन शनिवार को भंडरा (लोहरदगा) प्रखंड के आशा आदिवासी विद्यालय, बलसोता  में  टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से संचालित कुँड़ुख भाषा एवं तोलोंग सिकि शिक्षण केन्द्र के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ एक दिवसीय निरिक्षण सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस निरिक्षण सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में टाटा स्टील फाउंडेशन के पदाधिकारियों के द्वारा कुँड़ुख भाषा एवं तोलोंग सिकि लिपि की विकास पर विशेष रूप से चर्चा की गयी। विशेष रुप से आदिवासी भाषा की संरक्षण हेतु स्कूलों में पाठन पाठन की आवश्यकता को  विकल्प बतलाया गया।

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धुमकुडि़या : पारम्परिक सामाजिक, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास केन्द्र

2 weeks 2 days ago
धुमकुडि़या : पारम्परिक सामाजिक, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास केन्द्र

धुमकुड़िया, उराँव आदिवासी समाज की एक पारम्परिक सामाजिक, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास केन्द्र है। प्राचीन काल से ही यह, गाँव में एक व्यक्तित्व एवं कौशल विकास शिक्षण-शाला के रूप में हुआ करता था, जो गाँव के लोगों द्वारा ही चलाया जाता था। समय के साथ यह पारम्परिक सामाजिक, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास केन्द्र विलुप्त होने की स्थिति में है। कुछ दशक पूर्व तक यह संस्था किसी-किसी गाँव में दिखलाई पड़ता था किन्तु वर्तमान शिक्षा पद्धति के प्रचार-प्रसार के बाद यह इतिहास के पन्ने में सिमट चुका है। कुछ लेखकों ने इसे युवागृह कहकर यौन-शोषन स्थल के रूप में पेश किया, तो कई मानवशास्त्री इसे असामयिक कहे, किन्तु अधिकतर च

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सैन्‍दा गांव में धुमकुडि़या जतरा का आयोजन

1 month ago
सैन्‍दा गांव में धुमकुडि़या जतरा का आयोजन

झारखंड के गुमला जिला के सिसई थाना स्थित सैन्‍दा गांव में धुमकुडि़या जतरा का आयोजन दिनांक 16 फरवरी 2022 को किया गया था। पूर्व में धमकुड़िया एक सामाजिक तथा सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा था। आधुनिक स्कूल की स्थापना के बाद यह संस्था विलुप्त होने की राह पर है। अब, जब समाज सेवियों एवं शिक्षाविदों   की दृष्टि इस ओर पड़ी तो कुछ नवयुवक नवयुवती इसे आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो गए हैं। इसी क्रम में सैन्दा ग्राम में यह धुमकुड़िया जतरा समारोह मनाया गया। इस धुमकुड़िया जतरा समारोह में इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहे लड़के भी शामिल हुए। साथ ही नौकरी पेशा वाले ग्राम वासी भी अपने बच्चों को साथ लेकर आये। इ

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Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand II

1 month 1 week ago
Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand II

पूरा वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/AU5W3dAqQgQ 
इस वीडियो के बाल-गीत के बोल- 
छोटे बच्‍चे अपनी मां से चिडि़यों के बच्‍चे के माध्‍यम से संदेश देते हुए कहते हैं कि - 
ओ मां, छोटी चिडि़यां चेरे-बेरे चेरे-बेरे, चीं - चीं - चीं कर रही हैं, और चेरे-बेरे, चेरे-बेरे करते हुए दूध भात मांग रही है। 
ओ मां, छोटी चिडि़यां चेरे-बेरे चेरे-बेरे, चीं - चीं - चीं कर रही हैं, और चेरे-बेरे, चेरे-बेरे करते हुए पैण्‍ट-कमीज मांग रही है। 

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Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand III

1 month 1 week ago
Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand III

पूरा वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/AU5W3dAqQgQ 
बाल कविता में छोटे बच्‍चों में से एक भाई अपनी छोटी बहन के लिए चन्‍दा मामा से गरम-गरम रोटी की मांग करते हुए दोनों भाई-बहन कहते हैं कि -
ओ चन्‍दा मामा, तुम मेरी छोटी बहन और मेरे लिए रोटी दो, तुम हम दोनों के लिए रोटियां दो।
ओ चन्‍दा मामा, हमारी मां का दिया हुआ रोटी गड्ढे में गिर गया, जिसे एक लालची बुढि़या उठा ली और अकेले खा गई, हमें नहीं दी।
ओ चन्‍दा मामा, छिलका रोटी नहीं, छाना हुआ रोटी हो तथा ठण्‍डा नहीं गरम हो, ओ चन्‍दा मामा तुम हमें रोटियां दो, हमें रोटियां दो।
साभार - चींचो डण्‍डी अरा ख़ीरी,

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Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand I

1 month 1 week ago
Learning KURUKH [Tribal Language] through Rhymes Recitation in Rural Jharkhand I

पूरा वीडियो यहां देखें: https://youtu.be/AU5W3dAqQgQ 
इस वीडियो में गाये जा रहे गीत के बोल- दादी-नानी अपने चरवाहे पोते से कहती है कि - 
ओ इधर-उधर नजर करने वाले बच्‍चे, तुम किस प्रकार गाय-बैल चरा रहे हो, तुम्‍हारी बकरी भाग गयी और सियार का चारा बन गई।
ओ इधर-उधर नजर करने वाले बच्‍चे, तुम घर-द्वार खेलने में लीन हो, तुम्‍हारी भेड़ भाग गई और हुण्‍डार का चारा बन गई।
ओ इधर-उधर नजर करने वाले बच्‍चे, तुम लस्‍सा-ठुंगही से चिडि़या पकड़ने में लीन हो, तुम्‍हारी बाछी भाग गई और हड़हा का चारा बन गई।

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गीत से सीख : झारखंड के गांवों में आदिवासी भाषा कुंड़ुख सीखने की अदा..

1 month 1 week ago
गीत से सीख : झारखंड के गांवों में आदिवासी भाषा कुंड़ुख सीखने की अदा..

ये विडियो झारखंड प्रदेश के गुमला जिला अंतर्गत सिसई प्रखंड के सैन्‍दा गांव में चल रहे धुमकुडि़या के बच्‍चों को भाषा सिखलाये जाने की कक्षाओं का अंश है। ये सभी वीडियो दिसम्‍बर 2022 में शूट किये गये थे। इस तरह की कक्षाओं के आयोजन के जरिये संध्‍या में बच्‍चों को Kurukh भाषा एवं तोलोंग सिकि, यानी लिपि, सिखायी जाती है। आइये देखते हैं पूरा वीडियो.. 

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अगहन पड़हा जतरा

1 month 2 weeks ago
अगहन पड़हा जतरा

यह विडियो दिनांक 17 नवम्‍बर 2022 दिन गुरूवार को सम्‍पन्‍न ''अगहन पड्हा जतरा, सिलमटोंगरी'' ग्राम : बुड्का, थाना : सिसई, जिला : गुमला (झारखण्‍ड) का है। 
कहा जाता है यह पड़हा जतरा पूर्व में इसी सिलमटोंगरी स्‍थान में लगता रहा था। परन्‍तु वर्षों पूर्व यहां के जतरा के दिन एक अनहोनी घटना घटी। उस दिन जतरा झंडा दैवी कृपा से उड़कर जैरा टोंगरी पंहूच गया; और उस दिन के बाद लगातार वहां जतरा लगता आ रहा था। 

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आदिवासी भाषाएं - दशा और दिशा : एक वैचारिक अध्‍ययन

1 month 2 weeks ago
आदिवासी भाषाएं - दशा और दिशा : एक वैचारिक अध्‍ययन admin Tue, 12/20/2022 - 09:28

दिनांक 17-18 दिसम्‍बर 2022 को ''आदिवासी भाषाएं - दशा और दिशा : एक वैचारिक अध्‍ययन'' विषय पर राज्‍य स्‍तरीय दो दिवसीय स्रममेलन, जेवियर कॉलेज, रांची के प्रांगन में सम्‍पन्‍न हुआ।  
इस सम्‍मेलन में दिनांक 18 दिसम्‍बर 2022 दिन रविवार को ''झारखण्‍ड में आदिवासी भाषाएं'' विषय पर डॉ. नारायण उरांव 'सैन्‍दा' द्वारा अपने विचार प्रस्‍तुत किया गया। जो इस प्रकार है - नीचे PDF में देखें.. 

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'चिंचों डण्डी अरा ख़ीःरी' पुस्तक, कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा में प्रकाशित

1 month 3 weeks ago
'चिंचों डण्डी अरा ख़ीःरी' पुस्तक, कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा में प्रकाशित

चिंचों डण्डी अरा ख़ीःरी नामक यह पुस्तक, कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा में प्रकाशित पुस्तक है। चिंचों डण्डी अरा ख़ीःरी का शाब्दिक अर्थ बाल कविता एवं कहानी है। यह पुस्तक, कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि एवं देवनागरी लिपि में प्रस्तुत है। इस लिपि का शोध-संकलन एवं अनुसंधान, एक एम.बी.बी.एस. चिकित्‍सक डॉ. नारायण उराँव ‘सैन्दा’ द्वारा किया गया है तथा इस लिपि का कम्प्यूटर वर्जन, केलितोलोंग फोण्ट के नाम से श्री किसलय जी के द्वारा विकसित किया गया है। वर्तमान में कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा एवं तोलोंग सिकि को झारखण्ड सरकार में 2003 ई.

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तोलोंग सिकि के युनिकोड विकास हेतु फॉनेटिक चार्ट अमेरिका भेजा जाएगा - डॉ उरावं

2 months ago
तोलोंग सिकि के युनिकोड विकास हेतु फॉनेटिक चार्ट अमेरिका भेजा जाएगा - डॉ उरावं

दिनांक  20.11.2022 दिन रविवार को अद्दी कुँड़ृख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा), राँची की मासिक बैठक अद्दी अखड़ा उप कार्यालय, चिरौन्दी, राँची में माननीय अघ्यक्ष श्री जिता उराँव की अध्यक्ष्ता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में कुँड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि के विकास के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में जनजातीय एवं क्षंत्रीय भाषा चिभाग के शोधार्थी भी उपस्थित थे। शोधार्थियों द्वारा लिपि विकास के इतिहास की जानकारी की अपेक्षा की गई। इस विषय पर डॉ.

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मन्दर बिरो- झारखंड राज्य की पारंपरिक चिकित्सा

2 months 2 weeks ago
मन्दर बिरो- झारखंड राज्य की पारंपरिक चिकित्सा

झारखंड प्रदेश खनिज व वन संपदाओं और जैव विविधता से परिपूर्ण है। उपलब्‍ध डेटा के अनुसार भारत के भौगोलिक क्षेत्र में प्रदेश का कुल वन क्षेत्र 29.61 प्रतिशत है। यहां के छोटानागपुर में शुष्क पर्णपाती वन औषधीय पौधों की खेती के लिए वातावरण सबसे उपयुक्त है। जंगलों में ऐसे मूल्यवान औषधीय पौधों को लगाने एवं संरक्षण करने पर ज़ोर दिया जा रहा है जिससे सेवा के साथ-साथ आमदनी भी बढ़ाई जा सके।

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बुदो उराँव पब्लिक स्कूल, हहरी में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता सम्पन्न

2 months 3 weeks ago
बुदो उराँव पब्लिक स्कूल, हहरी में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता सम्पन्न admin Thu, 11/17/2022 - 09:47

दिनांक 15 नवम्बर 2022 दिन मंगलवार को बुदो उराँव मॉडर्न पब्लिक स्कूल, महुगाँव मोड़ हहरी, घाघरा, गुमला में झारखण्ड स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर वार्षिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। विद्यालय के प्राधानाध्यापक श्री रामवृक्ष किण्डो द्वारा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। विद्यालय के सभी छात्रों को चार समूह - 1. वीर बुधू भगत समूह 2. सिनगी दई समूह 3. कार्तिक उराँव समूह 4.

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दैवीय आंधी-तूफान ने तय किया आदिवासियों का जतरा स्‍थल

3 months ago
दैवीय आंधी-तूफान ने तय किया आदिवासियों का जतरा स्‍थल

यह वीडियो गुमला जिला के पड़हा बैठक का है। यह बैठक नौ गांव के पड़हा संगठन के माध्यम से लगाये जा रहे पड़हा जतरा का मसला पर लगातार तीन दिनों तक बुलाया गया। यानी  लगातार 2, 3 एवं 4 नवम्बर तक बैठक करने के बाद जो निर्णय हुआ उसका निष्‍कर्ष है। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार नौ पड़हा का पड़हा जतरा, सिलम टोंगरी, ग्राम बुड़का, थाना सिसई में लगेगा। इसके पूर्व, यह परम्परागत जतरा, जैरा टोंगरी, थाना सिसई में लगता आया था, परन्तु इस जतरा में विगत 4 दशक से विवाद चल रहा था। इस परम्परागत जतरा स्थल में ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा गिरजाघर बनाया जा रहा था, जिसे परम्परागत जैरा जतरा समूह के लोगों द्वारा जतर

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कुंड़ुख स्‍कूल मीट : 2022 - ओप्‍पा, लोहरदगा, झारखंड

3 months 1 week ago
कुंड़ुख स्‍कूल मीट : 2022 - ओप्‍पा, लोहरदगा, झारखंड

यह विडियो, कुड़ुख लूरगरिया खोड़हा द्वारा आयोजित Annual Inter-School Meet 2022-23 के सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति है। यह आयोजन B.K.Indigenous People's Academy, ओप्‍पा, Kuru, लोहरदग्‍गा के कैम्पस में सम्पन्न हुआ है। इसमें वैसे ग़ैर सरकारी स्कूल शामिल हैं जहां कुड़ुख, हिन्दी तथा अंग्रेजी, तीन भाषा विषय की पढ़ाई होती है। इस आयोजन में 6 स्कूल एवं 3 धुमकुड़िया के शिक्षक एवं शिक्षु शामिल हुए। इन शिक्षण शाला में कुड़ुख भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि में पढ़ाई होती है। यह आयोजन पूर्ण रूप से सामाजिक सहयोग से सम्पन्न हुआ है।

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कुंड़ुख टाइम्‍स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हुआ

3 months 1 week ago
कुंड़ुख टाइम्‍स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हुआ

कुंड़ुख टाइम्‍स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हो गया है। यह अंक 'बिसुसेन्‍दरा विशेषांक' है। यह अंक Tata Steel Foundation के 'ट्राइबल कल्‍चरल सोसायटी' के सहयोग से तैयार किया गया है। इस अंक में आप पढ़ेंगे तोलोंग सिकि के आधार के बारे में। साथ ही इसके वर्णमाला के बारे में। चर्चा होगी पड़हा के परंपरागत ग्रामसभा पर भी। साथ ही कई अन्‍य विशिष्‍ट आलेख। इसे आप यहां पीडीएफ में ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। साथ ही, आप चाहें तो इस का पीडीएफ वर्जन डानलोड भी कर सकते हैं। 

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शिक्षा का अलख : बांस और घास की शुरूआत से फर्स्ट डिविजनर्स तक!

3 months 2 weeks ago
शिक्षा का अलख : बांस और घास की शुरूआत से फर्स्ट डिविजनर्स तक!

यह विडियो, बुदो उरांव मॉडर्न पब्लिक स्कूल,  महुगांव मोड़- हहरी, थाना-  घाघरा, जिला- गुमला का है।  इस स्‍कूल का संचालन गांव के लोगों द्वारा किया जाता है। इस स्कूल का आरंभ वर्ष 2,014 में हुआ था।   यह एक इंग्लिश मीडियम स्कूल है। यहां हिन्दी तथा अंग्रेजी के साथ तीसरी भाषा विषय के रूप में Kurukh भाषा, तोलोंग सिकि लिपि में पढ़ाई करायी जाती है। इस स्कूल से मैट्रिक परीक्षा 2,022 में पहली बार 8 छात्र शामिल हुए, और सभी 8 छात्र प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। इस तरह यहां के छात्र हिन्दी, अंग्रेजी एवं  Kurukh, तीनों विषय में पारंगत होकर निकले। इस स्कूल के डायरेक्टर, रामवृक्ष किण्डो जी हैं। उनके द्वारा कम

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1 hour 51 minutes ago
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