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ग्रामीण मौसम भविष्‍य-वक्‍ता का पूर्वानुमान 2024

2 weeks ago
ग्रामीण मौसम भविष्‍य-वक्‍ता का पूर्वानुमान 2024 admin Mon, 06/03/2024 - 08:16

विगत 10 साल से ग्रामीण इलाकों में प्रक़ति की वस्‍तुओं को देखकर मौसम पूर्वानुमान करने वाले 65 वर्षीय श्री गजेन्‍द्र उरांव ने साल 2024 का  मौसम पूर्वानुमान बतलाया है। उन्‍होंने कहा कि इस साल 2024 में बरखा तीनों पाली में होगा । इससे फसल अच्‍छी होगी।  ग्रामीण मौसम पूर्वानुमान कर्ता द्वारा बरखा को तीन भाग में विभक्‍त किया गया है - 1. बुढ़िया करम अर्थात जेठ शुक्‍ल पक्ष का पहला मंगर से हरियनी पूजा तक अर्थात आषाढ़ शुक्‍ल पक्ष तृतीया तक  2. हरयनी पूजा से राजी करम अर्थात भादो एकादशी तक  3.

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कुंड़ख़ कत्था अईन अरा ख़ोसराचम्मबी एक आधुनिक उरांव/कुंड़ुख़ भाषा व्याकरण

2 weeks 1 day ago
कुंड़ख़ कत्था अईन अरा ख़ोसराचम्मबी एक आधुनिक उरांव/कुंड़ुख़ भाषा व्याकरण admin Sat, 06/01/2024 - 10:51

प्रस्तुत पुस्तक कुंड़ख़ कत्था अईन अरा ख़ोसराचम्मबी एक आधुनिक उरांव/कुंड़ुख़ भाषा व्याकरण है। इसका शोध संकलन पेशे से चिकित्सक डॉ नारायण उरांव सैन्दा द्वारा किया गया है। यह  टाटा स्टील फाउंडेशन, के तकनीकी सहयोग से इस ऊंचाई तक पंहुचा है। समाज में लोगों तक पहुंचाने का कार्य अद्दी अखड़ा संस्था रांची द्वारा किया जा रहा है।इसमें भाषा है, भाषा की रचना है, भाषा विज्ञान है और अन्य प्राचीन भाषा के साथ तुलनात्मक अध्ययन है। इस व्याकरण में कुंड़ुख़ भाषा को समझने तथा समझाने के लिए हिन्दी के साथ अंग्रेजी का भी प्रयोग किया गया है।इस पुस्तक के विशिष्ट पहलुओं को जानने के लिए रूप का प्रयोग किया जाता है। इसकी व

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धुमकुड़िया : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला

2 weeks 1 day ago
धुमकुड़िया : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला admin Sat, 06/01/2024 - 09:28

विस्‍तार से पढ़ें नीचे पीडीएफ में.. 

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परम्‍परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्‍दरा, गुमला मण्‍डल 2024

3 weeks 4 days ago
परम्‍परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्‍दरा, गुमला मण्‍डल 2024 admin Wed, 05/22/2024 - 15:17

भारतीय संसद द्वारा पारित पेसा कानून 1996 (PESA ACT 1996 ) के Section 4(d) के तहत दिनांक 18 एवं 19 मई 2024 दिन शनिवार एवं रविवार को 9 पड़हा गांव, 7 पड़हा गांव एवं 6 पड़हा गांव, कुल 22 गांवों की सभा (22 गाव का पड़हा बैठक) द्वारा अपनी रूढ़ी-परम्परा के अनुसार ‘‘परम्परागत ग्रामसभा पड़हा बिसुसेन्दरा, सिसई-भरनो’’ का आयोजन किया गया। परम्परागत कुँड़ुख़ समाज द्वारा आयोजित यह परम्परागत ग्रामसभा पड़हा बिसु सेन्दरा का 2 दिवसीय वार्षिक अधिवेशन, ग्राम : सैन्दा, थाना : सिसई, जिला : गुमला में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का संयोजन  परम्परागत गांव सभा के पंच्चों में से पड़हा बिसुसेन्दरा बेल - श्री दशरथ भगत, कुहाबेल - श्री जुब

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सियांग और सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न

1 month ago
सियांग और सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न admin Tue, 05/14/2024 - 18:28

दिनांक 12 मई 2024,  दिन रविवार को,  झारखंड के गुमला जिला के अन्तर्गत,  सिसई थाना क्षेत्र के सियांग एवं सैन्दा गांव में धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। ग्राम सियांग की सयनी फगनी उरांव, पिता श्री जयमंगल उरांव, बीए Kurukh आनर्स तक की पढ़ाई पूरी की और उनके माता पिता इस वर्ष शादी करने वाले हैं, का धुमकुड़िया सवंगिया विदाई कार्यक्रम, धुमकुड़िया के संगी साथी लोगों द्वारा पारम्परिक तरीके से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी तरह ग्राम सैन्दा के सय बोलवा उरांव, पिता श्री मुंशी उरांव, आईए करके पिता के साथ खेतीबारी के कार्य में जुड़े हैं तथा सय अच्युत उरांव, पिता डॉक्‍टर नारायण उरांव, ब

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दव ख़ंजपा जिनगी घी : कुंड़ुख कविता

1 month 1 week ago
दव ख़ंजपा जिनगी घी : कुंड़ुख कविता

यह कुंड़ुख़ कविता, झारखंड पुलिस सेवा में कार्यरत एक उरांव व्यक्ति की है। उन्होंने अपने समाज के लोगों के दिल को छू लेने वाली कविता लिखी है। यह देवनागरी एवं तोलोंग सिकि, दो लिपि में पठनीय है। आइये आगे देखें और पढ़ें -

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हाईकोर्ट झारखंड एवं छत्तीसगढ़ का आदेश और परम्परागत उरांव समाज का सामाजिक न्याय पंच व्यवस्था

1 month 2 weeks ago
हाईकोर्ट झारखंड एवं छत्तीसगढ़ का आदेश और परम्परागत उरांव समाज का सामाजिक न्याय पंच व्यवस्था admin Thu, 05/02/2024 - 10:40

माननीय हाईकोर्ट के टिप्पणी के बाद परम्परागत उरांव समाज के जागरूक लोग अपने पुस्तैनी विरासत को संयोजने के लिए विगत 12 वर्ष तक काम को सम्पादित कर वर्तमान समय के न्यायालय व्यवस्था के मोताबिक परम्परागत उरांव सामाजिक न्याय पंच का अभिलेख तैयार किया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए इस शीर्षक का पी.डी.एफ. पढ़ें... 

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कार्तिक उरांव आदिवासी कुँड़ुख स्कूल मंगलो, सिसई में  खद्दी परब (सरहुल परब) धुमधाम से मनाया गया

1 month 2 weeks ago
कार्तिक उरांव आदिवासी कुँड़ुख स्कूल मंगलो, सिसई में  खद्दी परब (सरहुल परब) धुमधाम से मनाया गया admin Thu, 05/02/2024 - 08:06

गुमला जिले के कुड़ुख़ भाषी क्षेत्र के मंगलो ग्राम में स्थित कार्तिक उरांव आदिवासी कुँड़ुख स्कूल मंगलो,सिसई के श‍िक्षकों तथा छात्रों द्वारा अपनी भाषा-संस्कृति को बचाने के लिए विशेष पहल करते हुए अनोखे अंदाज में खद्दी पर्व मनाया गया। इस वर्ष का नया अंदाज यह था कि - विलुप्त होते प्राचीन गीतों का षोध-अनुसंधान कर पुनः कुँड़ुख भाषा में पारंपरिक रूप में मांदर-नगाड़ा के साथ लोगों ने सामूहिक प्रस्‍तुतिकरण किया।  इसके लिए छात्रों द्वारा शिक्षकों की देखरेख 01 महीने से शनिवार को अपराहृन में अभ्‍यास किया करते थे। इस वर्ष बच्‍चों के प्रस्‍तुति को देखकर बुजूर्ग उत्‍साहित एवं खुश हुए।

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भाषाई विरासत का अनावरण: मराठी, गुजराती, मारवाड़ी और सिंधी पर द्रविड़ प्रभाव

1 month 3 weeks ago
भाषाई विरासत का अनावरण: मराठी, गुजराती, मारवाड़ी और सिंधी पर द्रविड़ प्रभाव admin Thu, 04/25/2024 - 09:39

हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद, आक्रमणकारी आर्यों ने 16 आर्य राज्यों की स्थापना की, जैसा कि दूसरी छवि में दर्शाया गया है। किंवदंती है कि राम के सौतेले भाई भरत ने तक्षशिला शहर की स्थापना करके गांधार साम्राज्य तक अपना प्रभाव बढ़ाया। यह क्षेत्र, गांधार, भरत की माता कैकेयी के पैतृक क्षेत्र केकेय साम्राज्य के निकट था। इस बीच, राम के भाई लक्ष्मण को गंगा के किनारे लक्ष्मणपुरा की स्थापना का श्रेय दिया जाता है, जिसे अब लखनऊ के नाम से जाना जाता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कथित तौर पर वंगा साम्राज्य (बंगाल) को उपनिवेश बनाया, और वहां चंद्रकांता शहर की स्थापना की। कहा जाता है कि राम के सबसे छोटे भाई शत्रु

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सरहुल की बहुत बधाई और शुभकामनायें!

2 months ago
सरहुल की बहुत बधाई और शुभकामनायें!

देश के आदिवासी बहुल इलाकों में सरहुल का पर्व धूमधाम से मनाया गया। झारखंड की राजधानी रांची में सड़कों पर पुरूष महिलाओं और बच्‍चों का सैलाब नजर आया। आपको भी सरहुल की बहुत बधाई।

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आज के समय में इंसान इंटरनेट में कैद है और प्राकृति से दूर है

2 months 1 week ago
आज के समय में इंसान इंटरनेट में कैद है और प्राकृति से दूर है admin Tue, 04/09/2024 - 11:39

लेकिन अगर आपको समय मिले तो phytoncides प्रोसेस के बारे में गूगल करिएगा। आपको पता चलेगा कि जंगलों की ओर जाने से और वहां सांस लेने से आप अपना इम्यून सिस्टम बेहतर कर सकते हैं।

पूरा जंगल एक दूसरे की मदद करता रहता है। इस पूरे कांसेप्ट को Ubuntu कहते हैं। हम खुद को समझदार मानते हैं। लेकिन हमें ये कांसेप्ट बहुत कुछ सिखा सकता है। इसलिए दूसरों की मदद करते रहें और आगे बढ़ते रहें।

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परम्परागत आदिवासी समाज और डिलिस्टिंग विषयक राजनीति

2 months 1 week ago
परम्परागत आदिवासी समाज और डिलिस्टिंग विषयक राजनीति

श्री गजेन्द्र उरांव उर्फ नाना जी उम्र 70 वर्ष थाना सिसई जिला गुमला के रहनेवाले एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। स्कूली शिक्षा में बे 9वीं पास हैं। उनका कहना है कि बचपन में उनके माता पिता स्कूल न भेजकर, बैल-बकरी चराने के लिए भेजते थे। इस कार्य में उनका दिल नहीं लगता था। तब वे बड़े भाई के साथ बोकारो के कोयला खादान में काम करने चले गए। वहां कई साल रहे पर वहां भी खादान के काम में भी मन नहीं लगा। फिर वे वापस गांव चले आए। गांव आकर अपने से 5-6 वर्ष छोटे उम्र के साथियों के साथ गांव के यू0पी0 स्कूल,सैन्दा (सिसई,गुमला) में नामांकन कराये। वहां 5वीं तक पढ़ाई करने के बाद वे राजकीय मध्य विद्यालय,सिसई में दाखिला

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वैदिक वर्णमाला और संस्‍कृत व्‍याकरण ऐसे समझिये (भाग 3/3)

2 months 1 week ago
वैदिक वर्णमाला और संस्‍कृत व्‍याकरण ऐसे समझिये (भाग 3/3)

वैदिक वर्णमाला और संस्कृत वैयाकरण विशेषज्ञों की मान्यताएं विषय पर चर्चा करना कोई आसान काम नहीं है। फिर भी इसे जानने और समझने का प्रयास किये जाने पर ही यह बातें लोगों तक पहुंच पाएंगी। जब मैं 1991-96 में आदिवासी उरांव भाषा की लिपि विषय पर कार्य कर रहा था, तब संस्कृत व्याकरण के ग्रेजुएट ने संस्कृत व्याकरण के तथ्यों एवं मान्यताओं पर प्रकाश डाला। मैं तब से अबतक इसे समझने का प्रयास कर रहा हूं। इसके संदर्भ में नयी जानकारी के साथ यह फोटो पी डी एफ देखें और पढ़ें -- डॉ नारायण उरांव 'सैन्दा

इस आलेख का अगला हिस्‍सा ठीक नीचे लिंक में देखें: 

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वैदिक वर्णमाला और संस्‍कृत व्‍याकरण ऐसे समझिये (भाग 2/3)

2 months 1 week ago
वैदिक वर्णमाला और संस्‍कृत व्‍याकरण ऐसे समझिये (भाग 2/3) admin Sat, 04/06/2024 - 11:51

वैदिक वर्णमाला और संस्कृत वैयाकरण विशेषज्ञों की मान्यताएं विषय पर चर्चा करना कोई आसान काम नहीं है। फिर भी इसे जानने और समझने का प्रयास किये जाने पर ही यह बातें लोगों तक पहुंच पाएंगी। जब मैं 1991-96 में आदिवासी उरांव भाषा की लिपि विषय पर कार्य कर रहा था, तब संस्कृत व्याकरण के ग्रेजुएट ने संस्कृत व्याकरण के तथ्यों एवं मान्यताओं पर प्रकाश डाला। मैं तब से अबतक इसे समझने का प्रयास कर रहा हूं। इसके संदर्भ में नयी जानकारी के साथ यह फोटो पी डी एफ देखें और पढ़ें -- डॉ नारायण उरांव 'सैन्दा

इस आलेख का अगला हिस्‍सा ठीक नीचे लिंक में देखें: 

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वैदिक वर्णमाला और संस्‍कृत व्‍याकरण ऐसे समझिये (भाग 1/2)

2 months 1 week ago
वैदिक वर्णमाला और संस्‍कृत व्‍याकरण ऐसे समझिये (भाग 1/2)

वैदिक वर्णमाला और संस्कृत व्‍याकरण विशेषज्ञों की मान्यताएं विषय पर चर्चा करना कोई आसान काम नहीं है। फिर भी इसे जानने और समझने का प्रयास किये जाने पर ही यह बातें लोगों तक पहुंच पाएंगी। जब मैं 1991-96 में आदिवासी उरांव भाषा की लिपि विषय पर कार्य कर रहा था, तब संस्कृत व्याकरण के ग्रेजुएट ने संस्कृत व्याकरण के तथ्यों एवं मान्यताओं पर प्रकाश डाला। मैं तब से अबतक इसे समझने का प्रयास कर रहा हूं। इसके संदर्भ में नयी जानकारी के साथ यह फोटो पी डी एफ देखें और पढ़ें -- डॉ नारायण उरांव 'सैन्दा

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धुमकुडि़या : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला (भाग 3/3)

2 months 1 week ago
धुमकुडि़या : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला (भाग 3/3)

इस विशेष अंक का भाग-3 नीचे ऑनलाइन पढ़ें नि: शुल्‍क.. 
आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं.. 

धुमकुडि़या भाग-2 https://kurukhtimes.com/node/380 
धुमकुडि़या भाग-1 https://kurukhtimes.com/node/379

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धुमकुडि़या : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला (भाग 2/3)

2 months 1 week ago
धुमकुडि़या : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला (भाग 2/3)

इस विशेष अंक का भाग -2 नीचे ऑनलाइन पढ़ें नि: शुल्‍क.. 
आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं.. 

धुमकुडि़या भाग-3 https://kurukhtimes.com/node/381

धुमकुडि़या भाग-1 https://kurukhtimes.com/node/379

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धुमकुडि़या : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला (भाग1/3)

2 months 1 week ago
धुमकुडि़या : आदिवासी समाज की आरंभिक सामाजिक पाठशाला (भाग1/3)

इस विशेष अंक का भाग एक नीचे ऑनलाइन पढ़ें नि: शुल्‍क.. 
आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं.. 

 

धुमकुडि़या भाग-2 https://kurukhtimes.com/node/380
धुमकुडि़या भाग-3 https://kurukhtimes.com/node/381

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कुंड़ुंख टाइम्‍स डिजिटल मैगजिन Vol 07

2 months 1 week ago
कुंड़ुंख टाइम्‍स डिजिटल मैगजिन Vol 07

इस डिजिटल मैगजिन को यहां ऑनलाइन पढ़ सकते हैं अथवा पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं, नीचे.. 

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कुंड़ुखटाइम्‍स मैगजिन का डिजिटल एडिशन Vol 10

2 months 2 weeks ago
कुंड़ुखटाइम्‍स मैगजिन का डिजिटल एडिशन Vol 10

यहां पीडीएफ में नि:शुल्‍क पढ़ें कुंड़ुखटाइम्‍स मैगजिन का डिजिटल एडिशन Vol 10 .

आप यहां नीचे से डाउनलोड भी कर सकते हैं। 

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8 minutes 31 seconds ago
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