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औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?

1 week 5 days ago
औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति क्यों चाहिए?

आजादी के पचहत्तर साल बाद भी भारत अंग्रेज और अंग्रेजियत (औपनिवेशिक  गुलामी) से मुक्त नहीं हुआ है”—इस उक्ति को यदि गहराई से समझें, तो यह किसी भौतिक गुलामी की नहीं बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक और वैचारिक गुलामी की ओर संकेत करती है। भारत ने 1947 में राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त की, परंतु औपनिवेशिक सत्ता द्वारा निर्मित ढाँचे, सोच और मूल्य आज भी कई रूपों में जीवित हैं। इसे निम्नलिखित बिंदुओं में विस्तार से समझा जा सकता है—
1. औपनिवेशिक मानसिकता (Colonial Mindset) - 

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हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ  और समाधान के  कुछ रास्ते 

2 weeks 2 days ago
हमारे कुँड़ुख भाषा-सेवियों के समक्ष चुनौतियाँ  और समाधान के  कुछ रास्ते 

यह जानकर बहुत प्रेरणा मिलती है कि गुमला, रांची, लातेहार और लोहरदगा के युवा गणित (Maths) जैसे कठिन विषय को भी कुँड़ुख में ढाल रहे हैं। प्रसिद्ध अफ्रीकी लेखक  चिंतक न्गुगी वा थ्योंगो ने हमेशा यही कहा कि - "भाषा केवल साहित्य के लिए नहीं, बल्कि विज्ञान और तर्क के लिए भी होनी चाहिए" । जब हम Area = Length x Width जैसी अवधारणाओं को अपनी मातृभाषा में समझते हैं, तो वह रटना नहीं, बल्कि 'अनुभव करना' हो जाता है।

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अद्दी अखड़ा, संस्था के वरिष्ठ कर्मयोगी सदस्य को विनम्र श्रद्धांजलि

3 weeks 3 days ago
अद्दी अखड़ा, संस्था के वरिष्ठ कर्मयोगी सदस्य को विनम्र श्रद्धांजलि

अद्दी कुडुख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, रांची, संस्था के वरिष्ठ सदस्य श्रद्धेय
श्री मंगरा उरांव का दिनांक 22.12.2025 को रात्रि में, निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। वे
एच0ई0सी0, हटिया, रांची से कनीय अभियन्ता के पद से 1992 में वी.आर.एस. लेकर सेवा
निवृत हुए थे। उनका जन्म वर्तमान लोहरदगा जिला के सेन्हा थाना अन्तर्गत एकागुड़ी
कुम्बाटोली गांव में 15 जनवरी 1936 को हुआ था। उनकी मैट्रिक तक की शिक्षा लोहरदगा
जिले के स्कूलों में हुई। उसके बाद वे ड्राफ्टसमैंन ट्रेड से आई0टी0आई0 किये। फिर रांची

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कोटवार प्रशिक्षण कार्यक्रम रांची में संपन्‍न

1 month 3 weeks ago
कोटवार प्रशिक्षण कार्यक्रम रांची में संपन्‍न

आज दिनांक 23/11/2025 दिन रविवार को Tribal Education Awareness Management (TEAM) धुमकुड़िया के अगुवाई में coordinator(कोटवार) प्रशिक्षण कार्यक्रम बनहोरा, रांची झारखंड में टाना भगत अतिथि गृह हॉल में किए गए। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री महादेव टोप्पो (साहित्यकार सह सदस्य, साहित्य अकादमी), डॉ अभय सागर मिंज (प्रोफेसर, मानव शास्त्र), प्रोफेसर रामचंद्र उरांव (प्रोफेसर लॉ ), डॉ नारायण उरांव 'सैन्दा', तोलोंग सिकि जनक और श्री अजय केरकेट्टा (फाउंडर झारखंड DMC) ने धुमकुड़िया, व्यक्तित्व विकास, स्वरोजगार, भाषा- लिपि एवं टीम धुमकुड़िया को सशक्त करने में कॉर्डिनेटर कि भूमिका, कार

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कुडुख तोलोंग सिकि का विकास और झारखण्ड अधिविद्य परिषद, रांची का मार्ग दर्शन

2 months ago
कुडुख तोलोंग सिकि का विकास और झारखण्ड अधिविद्य परिषद, रांची का मार्ग दर्शन

वर्ष 2008 में झारखण्ड अधिविद्य परिषद, रांची के कार्यालय में एक आवेदन समर्पित हुआ। उस
आवेदन में मांग किया गया था कि - हमारे स्कूल के विद्यार्थी कुड़ख़ भाषा विषय की पढ़ाई
कुडुख़ की लिपि, तोलोंग सिकि में किये हैं, इसलिए इन्हें अपनी भाषा की लिपि में परीक्षा लिखने
की अनुमति प्रदान की जाए। वह आवेदन, कुड़ख़ कत्थ खोड़हा लूरएड़पा भगीटोली, डुमरी,
गुमला के गैरसरकारी स्कूल के विद्याथियों के लिए था और विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा आवेदन
समर्पित किया गया था। इस आवेदन के आलोक में झारखण्ड अधिविद्य परिषद, रांची के

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बी.एन. जालान  महाविद्यालय, सिसई, गुमला में कुँडुख भाषा विषय की पढ़ाई-लिखाई  तोलोंग सिकि में करने की मांग

2 months ago
बी.एन. जालान  महाविद्यालय, सिसई, गुमला में कुँडुख भाषा विषय की पढ़ाई-लिखाई  तोलोंग सिकि में करने की मांग

आज दिनांक 17/11/2025 दिन मंगलवार को कार्तिक उराँव आदिवासी कुडुख स्कूल, मंगलो, सिसई के  प्रधानाध्यापक एवं  9+7 + 6 पड़हा (२२गांव सभा) सिसई-भरनो की ओर से  बी.एन. जालान काॅलेज, सिसई में कुँडुख भाषा का पठन-पाठन  में कुँडुख भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि को पाठ्यक्रम में शामिल कराये जाने के लिए प्रिन्सिपल महोदय को दो मांग पत्र दिया गया।

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कुड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन झारसुगुड़ा ओड़िशा में सम्पन्न

2 months ago
कुड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन झारसुगुड़ा ओड़िशा में सम्पन्न

Kurukh literary society of India ( कुँड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी ऑफ़ इंडिया ) नई दिल्ली द्वारा आयोजित 18 वां राष्ट्रीय कुँड़ुख़ सम्मेलन 2025 सम्पन्न हुआ। यह राष्ट्रीय अधिवेशन 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 तक स्थान - झारसुगुड़ा उड़ीसा मे आयोजित किया गया था ।इस आयोजन में कुड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया के सभी चैप्टर ( राज्य) उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम, महाराष्ट्र, चेन्नई, दिल्ली, नेपाल इत्यादि से कुड़ुख़ साहित्यकार, लेखक, बुद्धिजीवी, कुड़ख़ भाषा के लेक्चर, प्रोफेसर, शिक्षक, शिक्षिकाएं, शोधार्थी एवं छात्र छात्राएं शामिल हुए।

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तीन दिवसीय आदिवासी सरना युवा प्रशिक्षण शिविर सराजपुर, सुंदरगढ़, उड़ीसा में सम्‍पन्‍न

2 months ago
तीन दिवसीय आदिवासी सरना युवा प्रशिक्षण शिविर सराजपुर, सुंदरगढ़, उड़ीसा में सम्‍पन्‍न

मान्दर के संबंध में कुड़ुख़ (उराँव) लोक गीत (मान्दर को कुड़ुख़ भाषा में ख़ेःल कहा जाता है)। इस शिविर में शामिल होने के लिए मैं 24 घंटे  में 605 किलोमीटर का दूरी तय करके  प्रशिक्षण शिविर स्थान पहूंचा । इसके लिए मैं झारखण्‍ड के गुमला जिला के  बिशनपुर थाना के सखुवा टोला गांव से 145 किलोमीटर की दूरी स्‍कूटी से तय करके  रांची पहूंचा । फिर  130 किलोमीटर की दूरी तय करके  रांची से टाटा पहूंचा। उसके बाद टाटा से झारसुगुड़ा  260 किलोमीटर की दूरी रेलगाड़ी से तय किया ।...

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फ्रांस के  पांच विदेशी मेहमान झारखंड टूर (भ्रमण) पर

2 months 1 week ago
फ्रांस के  पांच विदेशी मेहमान झारखंड टूर (भ्रमण) पर

फ्रांस से पांच विदेशी मेहमान झारखंड टूर (भ्रमण) में आए। उनका नाम था - जेराल्ड, दोमनिक, लासि्तन, आणि, जोजेत। वे, गो ट्रैवल द्वारा भारत के राज्यों में आए हेतु आए थे। इनका टूर (भ्रमण) आदिवासी गांव क्षेत्र को देखना और जानना था। इन विदेशी मेहमानों को भारतीय भाषा नहीं आती, ना अंग्रेजी, ना हिंदी।  

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ब्रिटिश शासन का प्रभाव आदिवासियों के जीवन और संस्कृति पर - एक नजर

2 months 2 weeks ago
ब्रिटिश शासन का प्रभाव आदिवासियों के जीवन और संस्कृति पर - एक नजर

छोटानागपुर पठार (वर्तमान झारखंड और आस-पास के क्षेत्रों) में ब्रिटिश शासन का प्रभाव आदिवासियों के जीवन और संस्कृति पर गहरा और दीर्घकालिक रहा। इसने उनके आर्थिक जीवन, भूमि-संबंध, सामाजिक ढाँचे और सांस्कृतिक पहचान को गहराई से प्रभावित किया।

इसके कुछ प्रमुख पहलुओं पर प्रभाव:

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बाबा कार्तिक उरांव का 101वां जयंती समारोह, बिरसा नगर, जमशेदपुर में सम्‍पन्‍न

2 months 2 weeks ago
बाबा कार्तिक उरांव का 101वां जयंती समारोह, बिरसा नगर, जमशेदपुर में सम्‍पन्‍न

दिनांक 29-10-2025 को आदिवासी उरांव समाज समिति, बिरसा नगर जोन नंबर-06 में पंखराज साहेब बाबा कार्तिक उरांव का 101 वां जयंती 2025 समारोह 

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 कुड़ुख़ भाषा की लिपि तोलोंग सिकि को सितम्‍बर 2025 में मिला यूनिकोड 

2 months 3 weeks ago
 कुड़ुख़ भाषा की लिपि तोलोंग सिकि को सितम्‍बर 2025 में मिला यूनिकोड  admin Wed, 10/29/2025 - 17:04 झारखण्‍ड में 2री सबसे अधिक जनसंख्‍या वाले आदिवासी उरांव समुदाय अथवा भारत देश् में 4थी सबसे अधिक आदिवासी जनसंख्‍या वाले उरांव समुदाय की कुड़ुख़ भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि को सितम्‍बर 2025 में वैश्विक स्‍तर पर UNICODE (BLOCK) में शामिल कर लिया गया है। UNICODE (BLOCK) में शामिल होने में भारत सरकार के सूचना प्राद्यौगिकि एवं आई.टी.मंत्रालय एवं अमेरिका की संस्‍था, संयुक्‍त रूप से कार्य करती है। इस कार्य को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अमेरिका में रहने वाले माननीय अंशुमन पाण्‍डेय जी द्वारा वर्ष 2010 में UNICODE(BLOCK) में शामिल किये जाने हेतु प्रस्‍ताव भेजा गया था,जो एक लम्‍बे समय के बाद 2025 में
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युकेजी की बच्‍ची ने कुंड़ुख भाषा व तोलोंग सिकि में गीत गाया

2 months 3 weeks ago
युकेजी की बच्‍ची ने कुंड़ुख भाषा व तोलोंग सिकि में गीत गाया admin Fri, 10/24/2025 - 19:35

यह विडियो दिनांक २४ अक्टूबर २०२५ को शूट किया हुआ, थाना - सिसई, जिला - गुमला, झारखंड के अन्तर्गत सोहदरी उरांव पब्लिक स्कूल, शिवनाथपुर डहुटोली का है। यहां पर, बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि, लिपि में पढ़ते-लिखते हैं। इस विडियो में UKG एक बच्ची द्वारा कुड़ुख़ भाषा गीत गाकर सुनाया जा रहा है।आइये, यह विडियो देखें और इस विषय को समझें

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झारखंड के शिवनाथपुर गांव (सिसई) में कुड़ंख यानी तोलोंग सिकि भाषा में गणित का पहाड़ा याद करते बच्‍चे

2 months 4 weeks ago
झारखंड के शिवनाथपुर गांव (सिसई) में कुड़ंख यानी तोलोंग सिकि भाषा में गणित का पहाड़ा याद करते बच्‍चे

यह विडियो दिनांक २१ अक्टूबर २०२५ को शूट किया हुआ ग्राम शिवनाथपुर, थाना - सिसई, जिला - गुमला, झारखंड के धुमकुड़िया का है। यहां पर, बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ कुड़ुख़ भाषा एवं तोलोंग सिकि, लिपि में पढ़ते-लिखते हैं। इस विडियो में एक बच्चे द्वारा 1 से 5 तक का पहाड़ा, कुड़ुख़ भाषा में याद कर बोला जा रहा है। आइये, यह विडियो देखें और इस विषय को समझें -

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रांची में आयोजित हुआ प्रथम धरती आबा फिल्म महोत्सव, देशभर की 52 फिल्मों का प्रदर्शन

2 months 4 weeks ago
रांची में आयोजित हुआ प्रथम धरती आबा फिल्म महोत्सव, देशभर की 52 फिल्मों का प्रदर्शन admin Tue, 10/21/2025 - 17:07

रांची, 16 अक्टूबर 2025: रांची में 14 से 16 अक्टूबर तक भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं झारखंड सरकार के कल्याण विभाग के सहयोग से "प्रथम धरती आबा फिल्म महोत्सव" का आयोजन किया गया। महोत्सव में देशभर से आई कुल 52 फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।

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मुड़मा जतरा 2025 : धूमिल संस्कार, मालामाल दुकानदार 

3 months ago
मुड़मा जतरा 2025 : धूमिल संस्कार, मालामाल दुकानदार 

दिनांक 8 और 9 अक्टूबर को लगने वाला मुड़मा जतरा आज मेला में तब्दील हो गया है,1984 ई में जब मैं मुड़मा जतरा गया था तब पूरे मैदान में जतरा के घोल नजर आ रहे थे। नागपुरी कलाकारों की मंच और उरांवों की खोड़हा कम से कम 30-35 रहा होगा, गगन भेदी मधुर मांदर नगाड़े की ध्वनि के साथ रात गुलजार हो गया था । दुकानदार थे परन्तु किनारे और छोटे छोटे हस्तकला के समान विशेष थे । खेलने और नाचने के लिए प्रयाप्त जगह था, झूले देहाती यानी छोटे और बड़े जतरा के शोभा बढ़ा रहे थे । ईख से मानो जंगल का क्षेत्र लग रहा था । गांव के गांव बच्चे बूढ़े जवान जतरा में घोल के घोल चढ़े थे । झूले और तरह तरह के मिठाई की दुकानों से मेला

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ऐतिहासिक मुड़मा जतरा संपन्‍न

3 months 1 week ago
ऐतिहासिक मुड़मा जतरा संपन्‍न

दिनांक 8-9 अक्टूबर 2025 ( झारखंड,राजकीय जतरा/मेला) में अंतरराष्ट्रीय सरना धर्मगुरु श्री बंधन तिग्गा ने घोषणा की "कुँड़ुख़ उराव भाषा की लिपि तोलोंग सिकि को देश के कोने-कोने तक पहुंचने के लिए तथा सामाजिक जन शिक्षा के मध्य के रूप में अनुमोदित एवं लोकार्पित करता हूं"।

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Checked
2 hours 30 minutes ago
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