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मन्दर बिरो- झारखंड राज्य की पारंपरिक चिकित्सा

1 week 2 days ago
मन्दर बिरो- झारखंड राज्य की पारंपरिक चिकित्सा

झारखंड प्रदेश खनिज व वन संपदाओं और जैव विविधता से परिपूर्ण है। उपलब्‍ध डेटा के अनुसार भारत के भौगोलिक क्षेत्र में प्रदेश का कुल वन क्षेत्र 29.61 प्रतिशत है। यहां के छोटानागपुर में शुष्क पर्णपाती वन औषधीय पौधों की खेती के लिए वातावरण सबसे उपयुक्त है। जंगलों में ऐसे मूल्यवान औषधीय पौधों को लगाने एवं संरक्षण करने पर ज़ोर दिया जा रहा है जिससे सेवा के साथ-साथ आमदनी भी बढ़ाई जा सके।

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बुदो उराँव पब्लिक स्कूल, हहरी में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता सम्पन्न

2 weeks 1 day ago
बुदो उराँव पब्लिक स्कूल, हहरी में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता सम्पन्न

दिनांक 15 नवम्बर 2022 दिन मंगलवार को बुदो उराँव मॉडर्न पब्लिक स्कूल, महुगाँव मोड़ हहरी, घाघरा, गुमला में झारखण्ड स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर वार्षिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। विद्यालय के प्राधानाध्यापक श्री रामवृक्ष किण्डो द्वारा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। विद्यालय के सभी छात्रों को चार समूह - 1. वीर बुधू भगत समूह 2. सिनगी दई समूह 3. कार्तिक उराँव समूह 4.

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दैवीय आंधी-तूफान ने तय किया आदिवासियों का जतरा स्‍थल

3 weeks 5 days ago
दैवीय आंधी-तूफान ने तय किया आदिवासियों का जतरा स्‍थल

यह वीडियो गुमला जिला के पड़हा बैठक का है। यह बैठक नौ गांव के पड़हा संगठन के माध्यम से लगाये जा रहे पड़हा जतरा का मसला पर लगातार तीन दिनों तक बुलाया गया। यानी  लगातार 2, 3 एवं 4 नवम्बर तक बैठक करने के बाद जो निर्णय हुआ उसका निष्‍कर्ष है। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार नौ पड़हा का पड़हा जतरा, सिलम टोंगरी, ग्राम बुड़का, थाना सिसई में लगेगा। इसके पूर्व, यह परम्परागत जतरा, जैरा टोंगरी, थाना सिसई में लगता आया था, परन्तु इस जतरा में विगत 4 दशक से विवाद चल रहा था। इस परम्परागत जतरा स्थल में ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा गिरजाघर बनाया जा रहा था, जिसे परम्परागत जैरा जतरा समूह के लोगों द्वारा जतर

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कुंड़ुख स्‍कूल मीट : 2022 - ओप्‍पा, लोहरदगा, झारखंड

1 month ago
कुंड़ुख स्‍कूल मीट : 2022 - ओप्‍पा, लोहरदगा, झारखंड

यह विडियो, कुड़ुख लूरगरिया खोड़हा द्वारा आयोजित Annual Inter-School Meet 2022-23 के सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति है। यह आयोजन B.K.Indigenous People's Academy, ओप्‍पा, Kuru, लोहरदग्‍गा के कैम्पस में सम्पन्न हुआ है। इसमें वैसे ग़ैर सरकारी स्कूल शामिल हैं जहां कुड़ुख, हिन्दी तथा अंग्रेजी, तीन भाषा विषय की पढ़ाई होती है। इस आयोजन में 6 स्कूल एवं 3 धुमकुड़िया के शिक्षक एवं शिक्षु शामिल हुए। इन शिक्षण शाला में कुड़ुख भाषा की लिपि, तोलोंग सिकि में पढ़ाई होती है। यह आयोजन पूर्ण रूप से सामाजिक सहयोग से सम्पन्न हुआ है।

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कुंड़ुख टाइम्‍स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हुआ

1 month ago
कुंड़ुख टाइम्‍स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हुआ

कुंड़ुख टाइम्‍स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हो गया है। यह अंक 'बिसुसेन्‍दरा विशेषांक' है। यह अंक Tata Steel Foundation के 'ट्राइबल कल्‍चरल सोसायटी' के सहयोग से तैयार किया गया है। इस अंक में आप पढ़ेंगे तोलोंग सिकि के आधार के बारे में। साथ ही इसके वर्णमाला के बारे में। चर्चा होगी पड़हा के परंपरागत ग्रामसभा पर भी। साथ ही कई अन्‍य विशिष्‍ट आलेख। इसे आप यहां पीडीएफ में ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। साथ ही, आप चाहें तो इस का पीडीएफ वर्जन डानलोड भी कर सकते हैं। 

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शिक्षा का अलख : बांस और घास की शुरूआत से फर्स्ट डिविजनर्स तक!

1 month 1 week ago
शिक्षा का अलख : बांस और घास की शुरूआत से फर्स्ट डिविजनर्स तक!

यह विडियो, बुदो उरांव मॉडर्न पब्लिक स्कूल,  महुगांव मोड़- हहरी, थाना-  घाघरा, जिला- गुमला का है।  इस स्‍कूल का संचालन गांव के लोगों द्वारा किया जाता है। इस स्कूल का आरंभ वर्ष 2,014 में हुआ था।   यह एक इंग्लिश मीडियम स्कूल है। यहां हिन्दी तथा अंग्रेजी के साथ तीसरी भाषा विषय के रूप में Kurukh भाषा, तोलोंग सिकि लिपि में पढ़ाई करायी जाती है। इस स्कूल से मैट्रिक परीक्षा 2,022 में पहली बार 8 छात्र शामिल हुए, और सभी 8 छात्र प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। इस तरह यहां के छात्र हिन्दी, अंग्रेजी एवं  Kurukh, तीनों विषय में पारंगत होकर निकले। इस स्कूल के डायरेक्टर, रामवृक्ष किण्डो जी हैं। उनके द्वारा कम

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कार्तिंक उरांव की जयंती उनके पैतृक गांव में 29 अक्‍टूबर को

1 month 1 week ago
कार्तिंक उरांव की जयंती उनके पैतृक गांव में 29 अक्‍टूबर को admin Mon, 10/24/2022 - 17:13

करौंदा लिट्टा टोली गुमला में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद गुमला जिला द्वारा पुनई उराँव जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि 29 अक्टूबर दिन शनिवार को बाबा कार्तिक उराँव जी की जन्मजयंती कार्यक्रम धूमधाम से भव्यतापूर्वक मनाया जाएगा।

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तोलोंग सिकि में पठन-पाठन की मांग

1 month 1 week ago
तोलोंग सिकि में पठन-पाठन की मांग

यह विडियो, दिनांक 20 अक्टुबर 2022 दिन वृहस्पतिवार को अद्दी कुंड़ुख़ चाला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा (अद्दी अखड़ा), रांची के अध्यक्ष श्री जिता उरांव द्वारा जारी किया गया है। इस साक्षात्कार में श्री जिता जी के साथ श्री बिपता उरांव कोषाध्यक्ष, अद्दी अखड़ा उपस्थित थे।
 

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राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ ने रांची विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा

1 month 1 week ago
राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ ने रांची विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा

दिनांक 18.0.2022 दिन मंगलवार को राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ द्वारा रांची विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में कुंड़ुख़ भाषा विषय के पठन-पाठन एवं विकास हेतु निम्नलिखित मांग की गई -
1. रांची विश्वविद्यालय, रांची में कुंड़ुख़ भाषा का स्वतंत्र पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। पाठ्यक्रम समिति (सिलेबस बोर्ड) में 05 सदस्यों को रखा जाए, जिसमें 03 सदस्य पी.एच.डी. उपाधि प्राप्त वाले हों।
2. पीएचडी शोध प्रबंध, अपनी भाषा कुंडुंख (उरांव) भाषा में लिखा जाय।
3. पीएचडी शोध समिति (डीआरसी) में 4 (चार) वरीय प्राध्यापक, जो पीएचडी उपाधि प्राप्त हो, उन्‍हें रखा जाय।

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कोकराझार, असम में तोलोंग सिकि (कुँड़ुख़ भाषा की लिपि) कार्यशाला सम्‍पन्‍न

1 month 3 weeks ago
कोकराझार, असम में तोलोंग सिकि (कुँड़ुख़ भाषा की लिपि) कार्यशाला सम्‍पन्‍न admin Tue, 10/11/2022 - 09:25

दिनांक 30 सितम्‍बर 2022 से 02 अक्‍टुबर 2022 तक कुँड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया, नई दिल्‍ली का तीन दिवसीय राष्‍ट्रीय कुँड़ुख़ भाषा साहित्‍स सम्‍मेलन कोकराझार, असम में सम्‍पन्‍न हुआ. यह सम्‍मेलन कुँड़ुख़ (उरांव) साहित्‍य सभा, असम एवं आल कुँड़ुख़ (उरांव) छात्र संघ, असम के संयुक्‍त तत्‍वाधान में आयोजित किया गया था. इस कुँड़ुख़ भाषा सम्‍मेलन में अलग अलग 8 राज्‍यों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए.

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कोकराझार (असम) में कुंड़ुख साहित्‍य सभा

1 month 3 weeks ago
कोकराझार (असम) में कुंड़ुख साहित्‍य सभा

यह विडियो असम के कोकराझार में, कुड़ुख़ अर्थात, उरांव साहित्य सभा द्वारा आयोजित खुला अधिवेशन के कार्यक्रम का है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, बोड़ो टेरिटोरियल रीजन के माननीय मंत्री के स्वागत में प्रस्तुत, किया गया नृत्य है। यह आयोजन दिनांक दो अक्‍टूबर दो हजार बाईस,  दिन रविवार को कुड़ुख़ लिटरेरी सोसायटी आफ इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में वार्षिक साहित्य सम्मेलन के समापन में आयोजित किया गया था। इस भाषा साहित्य सम्मेलन में 8 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। 

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प्रकृति का पारिस्थितिकी तंत्र कैसे काम करता है, बताया भेडि़यों ने..

2 months ago
प्रकृति का पारिस्थितिकी तंत्र कैसे काम करता है, बताया भेडि़यों ने..

अगर आपको ये समझना है कि एको सिस्टम यानि हमारी प्रकृति का पारिस्थितिकी तंत्र कैसे काम करता है तो आपको अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क के उदाहरण से इसे समझना चाहिए..
चूँकि हमारा एको सिस्टम एक जटिल कार्यप्रणाली है जिसे आप अपनी आखों से देखकर कभी समझ नहीं सकते हैं.. आप ये कभी नहीं समझ पायेंगे कि जंगल, मैदान, नदी, पेड़ पौधे और जानवर कैसे मिलकर हमारे पारिस्थितकी तंत्र का निर्माण करते हैं, इसलिए इसे आपको इस उदाहरण से समझना होगा. अमेरिका का येलोस्टोन नेशनल पार्क दुनिया का सबसे बड़ा संरक्षित वन्य जीवन का स्थान है..

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टाटा स्टील फाउण्डेशन, जमशेदपुर द्वारा संचालित कुँड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण का 5 दिवसीय आवासीय कार्यशाला सम्पन्न

2 months 1 week ago
टाटा स्टील फाउण्डेशन, जमशेदपुर द्वारा संचालित कुँड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण का 5 दिवसीय आवासीय कार्यशाला सम्पन्न admin Fri, 09/23/2022 - 19:05

दिनांक 13 सितम्बर 2022 से 17 सितम्बर 2022 तक, टाटा स्टील फाउण्डेशन द्वारा सहयोगी संस्था, उरांव सरना समिति, चक्रधरपुर (प०सिंहभूम) एवं अद्दी कुँड़ुख़ चाःला धुमकुड़िया पड़हा अखड़ा, राँची के सहयोग से कुँड़ुख़ भाषा तोलोंग सिकि प्रशिक्षण, का 5 दिवसीय आवासीय कार्यशाला, टी०सी०एस० सोनारी, जमशेदपुर में सम्पन्न हुआ। इस आवासीय कार्यशाला में प०सिंहभूम से 28 सेन्टर के भाषा शिक्षक और संयोजक तथा रांची, गुमला, लोहरदगा जिला से 23 सेन्टर के भाषा शिक्षक और संयोजक शामिल हुए।

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मन्दर बिरो- झारखंड राज्य की पारंपरिक चिकित्सा

2 months 1 week ago
मन्दर बिरो- झारखंड राज्य की पारंपरिक चिकित्सा

'मन्दर बिरो' कुड़ुख शब्द है, जिसका अर्थ है - औषधि द्वारा उपचार करना। पारंपरिक चिकित्सा शैली जिसमें वैद्य ( मन्दर-अख़ 'उस ) द्वारा बीमारी को दूर करने या कम करने के लिए रोगी ( मन्दा ) को जड़ी-बूटी, चूरन या दवा के रूप में औषधि ( मन्दर ) दी जाती है। उपयोग में लाए गए पौधे के भाग एवं तैयारी की विधि ही औषधीय प्रभाव के लिए जवाबदेह हैं। पौधो के संरक्षण के साथ ज्ञान का उपयोग में लाना अति आवश्यक है। भविष्य के विषम परिस्थितियों में मानव जाति की स्वास्थ्य की सुरक्षा का हल प्रकृति से ही प्राप्त होगा। बदलते मौसम और वायुमंडलीय प्रभाव के कारण पौधों की संरचना में बदलाव देखा जा रहा है। जड़ी-बूटी के औषधीय होने

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करम परब (2022) की शुभकानाएं!!

2 months 3 weeks ago
करम परब (2022) की शुभकानाएं!! admin Tue, 09/06/2022 - 12:48

देश के जनजातीय / आदिवासी इलाकों में 06 सितंबर 2022 को 'करम परब' मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आप सबको ढ़ेर सारी बधाई और शुभकामनाएं !!!

admin
Checked
2 hours 22 minutes ago
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