Author: admin
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How to install Tolong Siki Font
जनजातीय भाषा कुँड़ुख़ की लिपि तोलोंग सिकि के फॉन्ट केलि तोलोंग को कम्प्युटर में इन्स्टॉल करें !.. यहां से डाउनलोड करें केलि तोलोंग () फॉन्ट : –https://newsmailindia.com/download/ke… यहां से केलि तोलोंक का कीबोर्ड मैप डाउनलोड कर सकते हैं: –https://newsmailindia.com/download/ke… इस वीडियो पर आपकी सकारात्मक टिप्पणी हमारे लिए प्रेरक होंगी।
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कुंड़ुखटाइम्स मैगजिन का 06 अंक प्रकाशित हुआ..
Kurukh Times बहुभाषीय पत्रिका का छठा अंक प्रकाशित हो चुका है। अपनी खास साज-सज्जा और समृद्ध लेखों से परिपूर्ण यह पत्रिका पठनीय है। आप इसे यहीं ऑनलाइन पढ़ सकते हैं अथवा चाहें तो, नि:शुल्क डाउनलोड भी कर सकते हैं। नीचे पीडीएफ वर्जन उपलब्ध है। पढ़ें अथवा डाउनलोड कर लें।
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कुंड़ुख टाइम्स (वेब संस्करण) का अक्टूबर से दिसंबर 2022 / अंक 5
कुंड़ुख टाइम्स (वेब संस्करण) का अक्टूबर से दिसंबर 2022 / अंक 5 का यह संस्करण काफी पठनीय है। आप इसे यहां ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। आप चाहें तो इसका पीडीएफ फाइल भी अपने लैपटॉप या पीसी अथवा मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते।
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धुमकुडि़या : पारम्परिक सामाजिक, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास केन्द्र
धुमकुड़िया, उराँव आदिवासी समाज की एक पारम्परिक सामाजिक, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास केन्द्र है। प्राचीन काल से ही यह, गाँव में एक व्यक्तित्व एवं कौशल विकास शिक्षण-शाला के रूप में हुआ करता था, जो गाँव के लोगों द्वारा ही चलाया जाता था। समय के साथ यह पारम्परिक सामाजिक, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास केन्द्र विलुप्त होने…
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कुंड़ुख टाइम्स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हुआ
कुंड़ुख टाइम्स त्रैमासिक पत्रिका का चतुर्थ (4th)अंक प्रकाशित हो गया है। यह अंक ‘बिसुसेन्दरा विशेषांक’ है। यह अंक Tata Steel Foundation के ‘ट्राइबल कल्चरल सोसायटी’ के सहयोग से तैयार किया गया है। इस अंक में आप पढ़ेंगे तोलोंग सिकि के आधार के बारे में। साथ ही इसके वर्णमाला के बारे में। चर्चा होगी पड़हा के…
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‘कुँड़ुख़ व्याकरण की पारिभाषिक शब्दावली‘ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
दिनांक 01 मई 2022, दिन रविवार को आदिवासी उराँव समाज समिति, बिरसा नगर, जोन न०-6, जमशेदपुर में ‘‘कुँड़ुख़ व्याकरण की पारिभाषिक शब्दावली‘‘ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुआ। यह कार्यशाला, टाटा स्टील फाउण्डेशन, जमशेदपुर के तकनीकि सहयोग से संचालित ‘‘कुँड़ुख़ (उराँव) भाषा एवं लिपि शिक्षण कार्यक्रम‘‘ का अग्रेतर क्रियान्वयन था। इस कार्यशाला में आदिवासी…
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कुंड़ुखटाइम्स.कॉम का प्रथम प्रिंट एडिशन
आपको तो पता है कि हमारा-आपका एक और वेबसाइट KurukhTimes.com लम्बे समय से आपको कुंड़ुख जगत की खबरें, सूचनाएं और शोध आदि संबंधित सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराता रहा है। अब ऑनलाइन के अलावा हम इसका प्रिंट एडिशन भी प्रकाशित कर रहे हैं। आशा है आपको पसंद आयेगा। आज प्रस्तुत है कुंड़ुखटाइम्स.कॉम का प्रथम प्रिंट एडिशन।…
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कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग
कुंड़ुख़ भाषा में पहेलियों का प्रयोग बखुबी होता है। बच्चों के लिए यह बौदि्धक एवं भाषा विकास का एक अनोखा तरीका है जिसे समाज में बच्चों को सिखलाया जाता है। आइये इसे जाने :– kuEzux buJvail 1. enwer amxi nAni, amm sim|bi naqqi, enwrA qali ? – iVjo amxi. 2. aqxA KasKas, xaVpA laddu mo:xA…
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कुंड़ुख़ भाषा में मुहावरा एवं कहावत का प्रयोग
कुंड़ुख़ भाषा में मुहावरा एवं कहावत का प्रयोग बखुबी होता है। कई असहज बातों को इससे आसानी से समझा जाता है। आइये इसे जाने :– bai qurrA (muhAvarA ) ¡. adde e:rnA ( KiEsA:rnA ) – As eXgan adde e:rwas. ¢. aXli e:wnA ( WirAbaHnA ) – kalA boXgA, eXgan WirAbaHA polloy. £. akil barnA…
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मातृभाषा शिक्षा और तोलोंग सिकि (लिपि)
झारखण्ड अलग प्रांत आन्दोलन के दौरान छात्र नेताओं एवं शिक्षाविदों के बीच झारखण्ड की भाषा–संस्कृति को बचाये रखने के विषय पर बातें अकसरहां उठती रहती थीं और यह भी कहा जाता था कि किसी भी संस्कृति को बचाने के लिए उसकी भाषा को बचाना आवश्यक है और भाषा को बचाने के लिए उस भाषा का…









