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TolongSiki.com » Archive for February 2010

झारखण्ड मे आदिवासी भाषाओं की दशा

सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है कि पूर्व में विष्व में लगभग 16000 (सोलह हजार) भाषाएँ बोली जाती थीं जिनमें से अब लगभग 6000 (छः हजार) ही रह गई है। यानि लगभग 10000 (दस हजार) भाषाएँ कालान्तर में विलुप्त हो गई। (साभार – हिन्दी दैनिक, जनसत्ता दिनांक 23.05.1997) भारत देष में लगभग 559 आदिवासी जातियाँ, अनुसूचित जनजाति की सूची में है (जनगणना रिपोर्ट 1981 के अनुसार) झारखण्ड राज्य में लगभग 30 आदिवासी जातियाँ अनुसूचित जनजाति की सूची में हैं उन 30 जनजातियों में से मात्र 5 जातियाँ की भाषा ही साहित्यिक दृष्टिकोण से प्रचलन में है तथा राँची विष्वविद्यालय, राँची में जिनकी आई0 ए0, बी0 ए0 एवं एम0 ए0 स्तर पर पढ़ाई-लिखाई चल रही है। क्या उन 30 में से 25 जातियोें की भाषाएँ पूर्व में नहीं थीं या थीं … Read entire article »

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