तोलोङ सिकि के विकास की रूपरेखा
कहा जाता है – ‘‘ आवश्यकता आविष्कार की जननी है।’’ इस कहावत को एक बार फिर डा नारायण उराँव ‘‘सैन्दा’’ ने चरितार्थ किया है। पेशे से चिकित्सक डा उराँव एक कुँडु़ख़ (उराँव) गाँव के रहने वाले एक अत्यंत साधारण किसान के बेटे हैं। उनके पिता का नाम स्व भुनेश्वर उराँव तथा माता का नाम श्रीमती फूलमनी उराँव है। उनका पैतृक निवास झारखण्ड राज्य (भारत) के गुमला जिला, सिसई थाना के अन्तर्गत ‘‘सैन्दा’’ ग्राम है। उनकी … Read entire article »
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